नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा अपने पांच दिन के विदेशी दौरे पर भारत आये हुए हैं. प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने जून में ही पद संभाला हैं ऐसे में ये उनका पहला विदेशी दौरा है ऐसे में जायज़ है ये दौरा ख़ास तो होगा ही. मिली जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री देउबा बुधवार को नई दिल्‍ली पहुंचे, जिसके बाद गुरुवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज से राष्‍ट्रपति भवन में मुलाकात की.

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चीन के साथ डोकलाम मुद्दे पर चल रही तनतनी के बीच नेपाली पीएम का ये दौरा भारत के लिए भी कई मुद्दे पर महत्वपूर्ण बताया जा रहा है. मिली जानकारी के अनुसार दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच हुई इस बैठक में कई द्विपक्षीय व बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई. साथ ही साथ गुरुवार को हुई इस बैठक में भारत और नेपाल के बीच विभिन्न क्षेत्रों में आठ समझौतों पर भी हस्ताक्षर हुए हैं.

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ऐसे में नेपाली पीएम ने चीन मुद्दे पर बोला कुछ ऐसा जिसने सबके होश उड़ा दिए 

बता दें कि चीन से तनातनी के बीच भारत को नेपाल का साथ मिला है. जी हाँ दरअसल नेपाल के पीएम देउबा ने अपने इस दौरे के दौरान भारत को आश्वस्त किया है कि, “वह अपनी जमीन से किसी भी तरह की भारत विरोधी गतिविधि की अनुमति नहीं देगा.”

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नेपाली पीएम देउबा ने कहा कि, “जैसा प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि नेपाल की सीमा खुली हुई है ऐसे में मैं आपको पूरी तरह से आश्वस्त करना चाहूंगा कि नेपाल कभी भी अपने पड़ोसी मित्र भारत के खिलाफ किसी भी गतिविधि की इजाजत नहीं देगा. हमारी तरफ से भारत के लिए हर तरह का समर्थन और सभी तरह का सहयोग रहेगा.”

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साथ ही हम आपको यहाँ बता दें कि नेपाली पीएम शेर बहादुर देउबा ने गुरुवार को भारत और नेपाल के बीच दो नई बिजली संचरण लाइनों का भी उद्घाटन किया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि, “हम दोनों साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे. दोनों नेताओं ने कटिया-कुशाहा और रक्सौल-परवानीपुर संचरण लाइनों का उद्घाटन किया.” पीएम मोदी और देउबा दोनों ने मिलकर रिमोट से इन दोनों लाइनों का शुभारंभ किया. अबतक मिली जानकारी के अनुसार इनमें से प्रत्येक की क्षमता 132 किलोवाट है.