भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने देश को सुरक्षित करने के लिए हर संभव प्रयास किया है, फिर भी आज पाकिस्तान के हालात को देखते हुए भारत चिंतित है. जब से नवाज़ शरीफ ने पीएम पद से इस्तीफा दिया है तब से नेतृत्व की कमी के कारण पाकिस्तान अव्यवस्थित हो रखा है. वहां पर गलत ताकतें अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रही हैं. ऐसे में पाकिस्तान के पूर्व पीएम ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है.

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शरीफ ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जनादेश का सम्मान नहीं किया गया तो पाकिस्तान 1971 की तरह फिर टूट जाएगा. 1971 में पाकिस्तान के दो टुकड़े हो गए थे और एक नया मुल्क बांग्लादेश बना था. आपको बता दें कि पनामा पेपर लीक में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोग्य घोषित होने के बाद नवाज़ ने इस्तीफा दे दिया था.

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नवाज़ शरीफ ने ये आशंका लाहौर हाईकोर्ट के उस फैसले के बाद जताई जिसमें उनके पार्टी के कार्यकर्ताओं पर न्यायपालिका विरोधी टिप्पणी करने पर रोक लगाईं गई है. वकीलों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए नवाज़ ने कहा कि वो देश की ख़ुफ़िया एजेंसियों की आलोचना करते हैं जिन्होंने उनके और उनके परिवार वालों की जासूसी की.

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उन्होंने कहा कि, ‘देश के इतिहास में पहली बार इंटर सर्विस इंटेलीजेंस (आइएसआइ) और मिलिट्री इंटेलीजेंस (एमआइ) के प्रतिनिधियों को ऐसे मामले की जांच के लिए ज्वाइंट इंवेस्टीगेशन एजेंसी का हिस्सा बनाया गया जो न तो आतंकवाद से जुड़ा था और न ही उसका राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई लेना-देना था.’ उन्होंने तल्ख लहेजे में कहा कि 70 साल के इतिहास में सभी 18 प्रधानमंत्रियों को कार्यकाल पूरा किये बगैर ही घर भेज दिया गया. आज पाकिस्तान के हालात ऐसे हो गए हैं कि सारी दुनिया को चिंता सताने लगी है, क्योंकि पाकिस्तान के पास परमाणु बम भी है अगर गलत ताकतें वहां की सत्ता में आ जाती हैं तो सारी दुनिया पर खतरा मंडराने लगेगा.