25 अगस्त को जब हरियाणा जल रहा था तो राजनीति के बड़े नेता ये सोचने में व्यस्त थे कि आखिर सपोर्ट किसका किया जाये कानून का या फिर राम रहीम का जिसकी वजह से उनकी राजनीति चलती है. माहौल का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि लोगों ने घरों में घुसकर लूटपाट की और जो भी मिला उसे नुकसान पहुँचाया. हालत बस यही नही है इससे भी आगे की तस्वीर ये है कि मीडिया को खासकर टारगेट किया गया और पत्रकारों को हरियाणा में शरण तक नही मिली कि अपनी जान बचा सकें.

यहां पढ़ें: जब डेरा के अधिकारी ने केस वापस लेने के लिए कहा कि चुपचाप केस वापस ले लो नही तो..

आपको बता दें कि राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद राम रहीम के समर्थक इस तरह बेकाबू हो गये कि जैसे वो इस देश का हिस्सा ही नही थे. ये सब ऐसे हो रहा था कि जैसे पहले से ही सुनियोजित हो कि अगर बाबा को जेल हुई तो क्या करना है क्या नही! इस बीच एक ऐसी खबर सामने आयी है जो मीडिया से जुड़ी हुई.

Source

मीडिया ख़बरों की माने तो कहा जा रहा है कि जब उपद्रवी अपनी पूरी ताकत से अपना ताण्डवी खेल दिखा रहे थे तो वहां उन्हें रोकने वाली पुलिस भी हताश नजर आई और भाग खड़ी हुई. जब उपद्रवियों को कुछ नही मिला तो उन्होंने मीडिया को निशाना बनाते हुए उन पर भी हमला कर दिया. बाबा के गुंडों से अपनी जान बचाने के लिए जब पत्रकार हरियाणा के स्थानीय लोगों के घरों में घुसकर अपनी जान बचाने की कोशिश करने लगा तो बेहद अजीब नजारा देखने को मिला. इस वीडियो को देखकर आप आसानी से समझ सकते हैं कि इस मामले की रिपोर्टिंग कर रहे मीडियाकर्मियों पर क्या बीत रही थी उस समय.

वीडियो

https://www.youtube.com/watch?v=BYFSvnPfUtE&feature=youtu.be

बता दें कि पत्रकारों ने जब अपनी जान बचाने के लिए लोगों के घरों में छिपने की कोशिश की तो लोगों ने उनकी पहचान पूछा और जब उन्होंने कहा कि वो पत्रकार हैं, तो उन्होंने घर में जगह देने से मना कर दिया और दरवाजा बंद कर दिया.