राम रहीम को सीबीआई कोर्ट द्वारा 15 साल पुराने रेप मामले में दोषी करार दिया गया तो राम रहीम के समर्थक हरियाणा में तांडव का घिनौना खेल खेलने लगे. फैसला सुनाये जाने तक जो लोग बाबा के समर्थक बने घूम रहे थे वो गुंडों की शक्ल में आ गये और बाबा के सिखाये गये गुरुमंत्र को फ़ॉलो करने लगे. आपको बता दें कि इस मामले में अब एक बड़ा खुलासा हुआ है जिसे जानकर हर कोई हैरान है. दरअसल जिस तरीके से उपद्रवियों ने उत्पात मचाया उसको लेकर एक फोन कॉल की बात सामने आई है. इस फोन कॉल के बारे में बताया जा रहा है कि कोर्ट के फैसला सुनाये जाने के बाद हिंसा करने का फरमान जारी हुआ था, जिसके बाद से शहर जलने लगा था.

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फोन करके भड़काई गयी हिंसा

बता दें, मीडिया सूत्रों के हिसाब से पता चला कि राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद उसे भगाने का प्लान था. कहा जा रहा है कि इस साजिश में हरियाणा पुलिस के लोग भी शामिल थे जो राम रहीम का समर्थन कर रहे थे. इतना ही नही राम रहीम को भगाने की साजिश करने वालों की बाकी पुलिस वालों से झड़प भी हुई और जब वो कामयाब नही हो पाए तो उन्होंने कुछ जगहों पर फोन किया और जिसके बाद हिंसा शुरू हो गयी. पुलिस का कहना है कि फोन कॉल के चलते हिंसा और ज्यादा भड़क गयी.

7 लोगों ने बाबा को भगाने की कोशिश की जिसमें पुलिस वाले भी थे शामिल

पुलिस का कहना है कि बाबा को भगाने में करीब 7 लोगों की भूमिका थी और इसके लिए उन्होंने पूरी योजना भी बनाई हुई थी. इसमें पांच हरियाणा पुलिस के लोग शामिल थे, जो बाबा को मिली जेड प्लस सिक्योरिटी का ही हिस्सा थे, बाकी दो और प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड थे. पुलिसवालों की पहचान भी हो चुकी है और उनके नाम भी सामने आ गये हैं. जिसमें हेड कॉन्सटेबल विजय सिंह,कॉन्सटेबल राम सिंह, हेड कॉन्सटेबल अजय, सब इंस्पेक्टर बलवान सिंह और कॉन्सटेबल किशन कुमार शामिल थे. वहीं प्राइवेट सिक्योरिटी में लगे लोगों का नाम प्रीतम सिंह और सुखबीर बताया गया है.

फोन करके क्या कहा!

बता दें कि हरियाणा में हिंसा इतने व्यापक स्तर पर न होती लेकिन ये सब पहले से ही प्लान किया गया था. डेरा समर्थकों को फोन करके पंचकुला में बुलाया गया था और एक साथ रहने के लिए कहा गया था. फोन से ही समर्थकों को यह भी बताया जा रहा था कि किस समय पर क्या करना है और कहाँ करना है. यहाँ तक समर्थकों को कोर्ट परिसर की तरफ आने के लिए मना किया गया था क्योंकि वहां फोर्स ज्यादा थी जिसके चलते वे पकड़े जा सकते थे. इस मामले में एक मैसेज भी भेजा गया था जिसमें कहा गया कि ‘संगत आएगी, संगत बढ़ती चली जाएगी, फिर चलेंगे.’

वैसे अब राम रहीम को बचाने के लिए किस हद तक प्लान बनाये गये थे ये अब सामने आ रहा है, सबसे हैरान कर देने वाली बात ये है कि बाबा को भगाने के लिए उसकी सुरक्षा में लगे पुलिस वाले भी उसका साथ दे रहे थे.