दुनिया के महानतम कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी को पूरी दुनिया जानती है. उन्होंने अपने संयमित खेल से कई युवाओं को प्रभावित किया है. उनकी कप्तानी में भारत ने दो बार विश्व विजेता का खिताब जीता है. हालांकि महेंद्र सिंह धोनी अपनी भावनाओं को हमेशा काबू में रखते हैं लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम के नेशनल चीफ चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने उनके बारे में एक खुलासा किया है.

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एमएसके प्रसाद ने खुलासा करते हुए बताया कि महेंद्र सिंह धोनी अपने खेल के प्रति कितने समर्पित हैं. प्रसाद ने बताया कि एशिया कप में पाकिस्तान के साथ भारत का मैच होना था. धोनी को पीठ में चोट लगी हुई थी लेकिन फिर भी उन्होंने आराम करने से इनकार कर दिया और फील्ड पर जाकर प्रतिद्वंदवी का सामना किया. धोनी ने कहा था कि, अगर उनका एक पैर नहीं भी होगा तब भी वो पाकिस्तान के खिलाफ खेलेंगे.

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उस घटना को याद करते हुए प्रसाद बताते हैं कि मैच से एक दिन पहले धोनी रात को जिम में वर्कआउट कर रहे थे. उन्होंने वर्कआउट करने के लिए भारी डम्बल उठा लिए कि तभी अचानक उनकी कमर में झटका पड़ गया और वो डम्बल सहित नीचे गिर पड़े. इस हादसे के बाद धोनी काफी दर्द में थे और उनको चलने में परेशानी भी हो रही थी. इसके बाद उन्हें जिम से स्ट्रेचर पर ले जाया गया.

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प्रसाद आगे बताते हैं कि इसके बाद वो धोनी के पास गए और उनके रिपलेस्मेंट के लिए पूछा तो उन्होंने कहा चिंता मत करिये प्रसाद भाई. इसके बाद धोनी से कुछ बातें करने के बाद वो चले गए और चीफ सलेक्टर संदीप पाटिल को घटना की जानकारी दी.

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प्रसाद आगे बताते हैं कि, अगले दिन धोनी मैच के लिए तैयार थे उन्होंने पैड बांधे हुए थे. हम पार्थिव पटेल को धोनी की जगह खिलाना चाहते थे लेकिन धोनी मैच के लिए पूरी तरह से तैयार हो गए थे. धोनी ने प्रसाद को अपने कमरे में बुलाया और कहा कि, आप इतनी चिंता न करें अगर मेरा एक पैर नहीं होगा तब भी मैं पाकिस्तान के खिलाफ खेलूंगा. इसके बाद धोनी की टीम इंडिया ने पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी.