भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा शनिवार को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया. जिस इमारत में ये आतंकवादी मारे गए उसकी दीवारों पर इन आतंकवादियों ने अपने मंसूबे लिखे हुए थे. सुरक्षा बल अमुमान लगा रहे हैं कि आंकवादियों द्वारा ये संदेश दो पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद उन्हीं के खून से लिखे गए हैं. पुलवामा में मुठभेड़ के बाद तीन आतंकी इस इमारत में छुप गए थे.

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जिस इमारत में आतंकवादी मारे गए उसकी दीवारों पर आतंकियों ने लिखा था, अफजल गुरु स्क्वेड, अफजल गुरु का इंतकाम. जम्मू-कश्मीर पुलिस के सूत्रों ने बताया कि हमें आशंका है कि दो स्पेशल पुलिस ऑफिसर्स की हत्या करने के बाद उन्हीं के खून से आतंकियों ने दीवारों पर लिखा. पुलिस के मुताबिक़ डिस्ट्रिक्ट पुलिस लाइन कॉम्प्लेक्स में हमला करने के बाद 8 सुरक्षा कर्मियों की हत्या करने वाले जैश-ए-मोहम्मद के फिदायीन पूरी तरह से प्रशिक्षित थे और लंबी लड़ाई करने का मन बना के आए थे. पुलिस का कहना है कि आतंकवादी बहुत अच्छी तरह से प्रशिक्षित किये गए थे. इसी वजह से उनसे पुलिस को कड़ा संघर्ष करना पड़ा. लगभग 12 घंटे सुरक्षा बलों ने इन आतंकियों से मुठभेड़ की. ये आतंकी फायरिंग कर रहे थे और सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड फेंक कर हमला कर रहे थे.

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आतंकवादियों को मौत के घाट उतारने वाले अधिकारियों में से एक ने बताया कि, ‘आतंकियों के पास से जिस तरह के हथियार बरामद हुए हैं, उससे पता चलता है कि वे लंबी जंग के इरादे से आए थे. ‘अधिकारी ने ये भी बताया कि, आतंकवादियों से मिले हथियारों से ये भी लगता है कि इस हमले में पाकिस्तान की भी संलिप्तता है.

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इन आतंकियों के पास से एके-47 राइफलें, मैगजीन्स, ग्रेनेड लॉन्चर और सैकड़ों कारतूस मिले हैं. पुलवामा के एसएसपी चौधरी असलम ने कहा कि मारे गए आतंकियों की पहचान अबू साद, दाऊद और अबू बकर के रूप में हुई है. पुलिस लाइंस पर ये जो हमला हुआ वो बीते साल सितंबर से अब तक सुरक्षा बलों पर हुआ सबसे बड़ा हमला था.