राम रहीम को पकड़े जाने के बाद से ही लोगों के बीच एक सवाल था कि आखिर खट्टर सरकार क्यों अभी तक राम रहीम पर कोई एक्शन नहीं ले रही थी ? आपको बता दें जब राम रहीम को दोषी करार दिया गया था तभी बाहर दंगे होने लगे थे जिसके लिए लोगों ने खट्टर सरकार पर सवाल उठाये थे लेकिन बाद में खट्टर सरकार की ही सूझ-बूझ के चलते ये दंगे शांत हुए हैं. आपको बता दें जहां लोग खट्टर से इस्तीफे की मांग कर रहे थे वहीं खट्टर ने सामने आकर कहा है जो चाहे इस्तीफ़ा मांग ले हमने पूरी इमानदारी के साथ अपना काम किया है.

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ख़ास बात ये है कि पंजाब के मौजूदा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह के राम रहीम के साथ संबंध हैं.  इसका सबूत है कि पहले कैप्टन सिंह की सरकार ने डेरा प्रमुख को खुश करने के लिए गाँव केले वांदर का नाम बदल कर नसीबपुरा रखा और बाद में प्रकाश सिंह बादल सरकार ने डेरा प्रेमियों की बहुसंख्यक वाले गाँव कोटली खुर्द का नाम बदल कर प्रेम कोटली रख दिया था. ज्ञात हो डेरा प्रमुख की माता का नाम नसीब कौर है जिसकी वजह से केलेवांडर गावं का नाम बदला गया था.

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जब गाँव के सरपंच से इस बारे में पुछा गया तो पता चला कि गाँव के लोगों को इससे एतराज़ था और फिर भी गाँव का नाम बदला गया था. गाँव के लोग बताते हैं कि पुराने समय में गांव में छप्पड़ किनारे बैठे साधू पर औरतों ने अारोप लगा दिए थे, जिस कारण उस साधू ने गाँव को श्राप दिया था. गाँव में काफी समय पहले जब शाह सतनाम जी आए थे तो लोगों ने विनती की कि उनके गाँव का कोई काम नहीं हो रहा है. शाह सतनाम ने तब वर दिया था कि यह नसीबों वाला गाँव होगा, जिस कारण गाँव का नाम नसीबपुरा पड़ा है. कई लोगों का कहना है कि डेरा प्रमुख की माता नसीब कौर के नाम पर गाँव का नाम नसीबपुरा रखा गया था.