देश में राम मंदिर और बाबरी मस्जिद का मुद्दा बहुत पुराना है और विवादित भी. सालों से चल रहे इस विवाद पर अब तक कोई फैसला नही लिया जा सका है. मामला धर्म से जुड़े होने के कारण सरकार भी इसपर फूंक फूंक कर कदम रख रही थी. फिलहाल मामला कोर्ट में लंबित हैं. सुनवाई के दौरान आये कोर्ट के टिप्पणी से यही लगता है कि कोर्ट भी चाहता है कि मामले का समाधान आपसी सुलह से हो जाए लेकिन ऐसा हो नही पाता है क्योंकि इस मुद्दे पर राजनीति भी जमकर होती है.

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राम मंदिर पर देश के नेता और धार्मिक लोग अक्सर विवादित टिप्पणी करने से नही चूकते हैं. अभी हाल में श्री श्री रविशंकर ने राम मंदिर विवाद पर मध्यस्था करने की बात कही थी लेकिन उसके बाद साध्वी प्राची ने ऐसा बयान दे दिया है जिसे सुनकर देवबंद के मौलाना भड़क गये और साध्वी प्राची को औकात में रहने तक की बात कह दिया. राम मंदिर का मामला कोर्ट में विचाराधीन हैं और इस पर सुनवाई होती रहती है.

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आपको बता दें कि साध्वी प्राची ने बयान जारी करते हुए कहा था कि “किसी ने मां का दूध पिया है तो वह राम मंदिर बनने से रोककर दिखाए”. साध्वी के इसी बयान पर मदरसा जामिया फातिमा जोहरा के मोहतमिम मौलाना लुतफुर्रहमान भड़क गये और कहा कि “ये सब राजनीति करते हैं और इनकी असलियत सबको पता है. मामला कोर्ट में है और इस मामले में कोर्ट जो भी फैसला देगा वो हमें मंजूर होगा क्योंकि हम देश के  कानून का सम्मान करते हैं”.

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मौलाना लुतफुर्रहमान ने आरोप लगाया कि बीजेपी अपने नेताओं से इस तरह के बयान दिलवाती है. जिससे वो एक विशेष समुदाय के लोगों को अपनी तरफ आकर्षित कर सकें और देश का माहौल खराब कर सकें लेकिन शायद मौलाना को इस बात से कोई फर्क नही पड़ता है कि बीजेपी की सरकार को सत्ता में आने के बाद देश में साम्प्रदायिक दंगों में कमी आई है. इसी के साथ मौलाना ने साध्वी प्राची को औकात में रहने की भी सलाह दी है.

 

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