वर्ल्ड वॉर फर्स्ट एक ऐसी लड़ाई थी जिसमें 30 से ज्यादा देश लड़े थे और ये लड़ाई कम से कम 4 साल तक चली थी. धरती की सबसे खतरनाक लड़ाई में शामिल वर्ल्ड वॉर 8 जुलाई 1914 को ऑस्ट्रिया द्वारा सर्बिया पर आक्रमण किये जाने के साथ हुई थी. इस लड़ाई से जुड़ी आज एक ऐसी बात हम आपको बताने वाले हैं जिसे जानकर  आपको यकीन नहीं होगा. ज्ञात  हो जब  ऑस्ट्रिया के राजकुमार को  बोस्निया की राजधानी सेराजेवो में हत्या की गयी   थी इसके बाद वर्ल्ड वॉर स्टार्ट हुई थी,.

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कुत्तों का था अहम रोल! 

वर्ल्ड वॉर 1 में कुत्तों को सन्देश देने के लिए प्रयोग किया जाता था, दरअसल कुत्तों की पीठ या पैर पर सन्देश बांधकर उन्हें भेज दिया जाता था और कुत्तों का लड़ाई में भी प्रयोग किया गया था. प्रथम विश्व युद्ध में 30 देशों के 6.5 करोड़ लोगों ने हिस्सा लिया था, जिसमें से 1 करोड़ लोग मारे गये थे. इसमें से मित्र राष्ट्रों ने 60 लाख सैनिक और धुरी राष्ट्रों ने 40 लाख सैनिक खोए थे.

 

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मूत्र में भीगा कपड़ा बांधते थे सैनिक ! 

दरअसल प्रथम युद्ध के दौरान स्पेनिश फ्लू नाम की एक बिमारी फैली थी जिसके चलते सैनिकों की सबसे ज्यादा मौत हुई थी. जानकर आपको हैरानी होगी जितने सैनिक मरे थे उसमें से एक तिहाई सैनिक इस बिमारी के चलते मरे थे. इस युद्ध में  30 अलग-अलग तरह की जहरीली गैस छोड़ी गयी थी. सैनिक आपातकालीन स्थिति में अपने मुंह पर मूत्र का भीगा हुआ कपड़ा बांधते थे. साल 1918 में सुरक्षा के लिए गैस मास्क का वितरण सैनिको को किया गया था.

 

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रथम विश्व युद्ध में  कुल 8 लाख भारतीय सैनिक इस युद्ध में लड़े जिसमें कुल 47746 हजार सैनिक मारे गये और 65000 हजार जख्मी हुए. इस युद्ध के कारण भारत की अर्थव्यवस्था लगभग दिवालिया हो गयी थी.