नज़ारा वाकई हैरान करने वाला था. जगह की दिल्ली हाईकोर्ट का गेट. अमूमन यहाँ बिना इजाजत के परिंदा भी पर नहीं मार सकता लेकिन गुरुवार को मौके पर एक-एक करके 6 ऑटो धड़धड़ाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के एक गेट से निकलते हैं. हाई कोर्ट के बाहर मौजूद इन छह ऑटो रिक्शा से भी ज्यादा हैरान कर देने वाला थे उनमे बैठे लोग. दरअसल इन ऑटो में सवार थे…

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दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर मौजूद इन छह ऑटो में मौजूद थे जज और साथ ही कुछ अन्‍य लोग भी बैठे थे. मिली जानकारी के अनुसार इसके बाद ये सभी लोग राजधानी के जिला न्यायालयों पर पहुंचे और आश्चर्यजनक रूप से जांच करना शुरू कर दिया. इस मामले में अबतक मिली जानकारी के अनुसार इन छह में से एक ऑटो रिक्शा में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल भी बैठी हुई थीं और साथ ऑफिस के कुछ स्टॉफ भी थे. वहीं, दूसरे ऑटो में जस्टिस रविंद्र भट्ट, एस मुरलीधर, संजीव खन्ना, विपिन संघी और जीएस सिस्तानी बैठे हुए थे.

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बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट के जज आश्चर्यजनक रूप से दिल्ली के छह कोर्ट कॉम्प्लेक्स में औचक निरीक्षण पर पहुंचे थे जहाँ पहुंचकर उन्होंने काम-काज का जायज़ा किया. इसके साथ ही उन्होंने न्यायिक अधिकारियों के अनुशासन और कौन सा अधिकारी अपने समय के लिए कितना समय का पक्का है इस बात का भी जायज़ा किया. बताया जा रहा है कि इस टास्क का नेतृत्व जस्टिस मित्तल कर रही थीं. वह सबसे पहले पटियाला हाउस कोर्ट पहुंची. जस्टिस रविंद्र भट्ट तीस हजारी कॉम्प्लेक्स पहुंचे, जबकि जस्टिस खन्ना रोहिणी कोर्ट पहुंचे. जस्टिस मुरलीधर साकेत कोर्ट, जस्टिस संघी द्वारका कोर्ट और जस्टिस सिस्तान कड़कड़डूमा कोर्ट पहुंचे.

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दरअसल इसके पीछे का मकसद जजों का मुख्य उद्देश्य कार्ट रूप के अंदर के माहौल की जांच करना बताया जा रहा है.  साथ ही जजों को यह भी देखना था कि न्यायिक अधिकारी समय पर आ रहे हैं या नहीं. उन्होंने अपने इस दौरे पर कोर्ट परिसर की बेसिक सुविधाओं की भी जांच की. बताया जा रहा हाईकोर्ट के सभी जज अब इस निरीक्षण की एक रिपोर्ट तैयार करेंगे जिसके बाद एक रिपोर्ट तैयार होगी और उसी के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी.