रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कैबिनेट में फेरबदल किये गये. कुछ मंत्रियों की छुट्टी कर दी गयी तो कुछ का प्रमोशन हो गया है. मोदी के कबिनेट में नए चेहरे के रूम  में शिव प्रताप शुक्ला ( राज्य सभा सांसद), अश्वनी कुमार चौबे (  बक्सर से लोक सभा सांसद), वीरेंद्र कुमार ( टीकमगढ़ से लोकसभा सांसद), अनंत कुमार हेगड़े (कन्नड से सांसद), आर के सिंह (आरा से लोकसभा सांसद), हरदीप सिंह, गजेंद्र सिंह शेखावत ( जोधपुर से सांसद), सत्यपाल सिंह ( बागपत से लोकसभा से सांसद) और अलफोन्स कन्नाथनम शामिल हैं.लेकिन इन्ही में से एक नाम ऐसा भी जो कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को खूब खरी खोटी सुना चुका है.

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हम बात कर रहे है बिहार से 5 बार विधानसभा सदस्य रहे अश्विनी चौबे की. अश्विनी चौबे गरीबों  की मदद के लिए 11000 टॉयलेट बनवाए  हैं. बिहार बीजेपी का बड़ा चेहरा माने जाते है.वह बिहार सरकार में आठ साल तक स्वास्थ्य, शहरी विकास और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी सहित अहम विभागों के पदभार संभाल चुके हैं।‘घर – घर में हो शौचालय का निर्माण, तभी होगा लाडली बिटिया का कन्यादान’, का नारा देने वाले अश्विनी चौबे  केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल गयी है.

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आपको बता दें किअश्विनी चौबे सोनिया गांधी को पूतना कह चुके हैं और राहुल गांधी को विदेशी  तोता का नाम दे चुके है. अश्विनी चौबे 1970 के दशक में जेपी आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल थे. उन्हें आपातकाल   दौरान हिरासत में भी लिया जा चुका है. मई 2014 के आम चुनाव में 16 वीं लोकसभा के लिए चुने गए. वे ऊर्जा पर संसद की प्राक्लन एवं स्थायी समिति और केंद्रीय रेशम बोर्ड के भी सदस्य हैं.

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भागलपुर के दरियापुर के रहने वाले चौबे बिहार विधानसभा के लिए लगातार पांच बार चुने गए. वे 1995 से 2014 तक बिहार विधानसभा के सदस्य रहे. अश्विनी चौबे 1974 से 1987 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे. साल 2013 में अपने परिवार के साथ उन्होंने भीषण केदारनाथ बाढ़ का सामना किया था. इस पर उन्होंने किताब भी लिखी है जिसका नाम ‘केदारनाथ त्रासदी’ है. उन्होंने प्राणिविज्ञान में बीएससी (आनर्स) किया है। योग में उनकी विशेष रूचि है।