खुद सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ट्रैफिक नियमों का कितना पालन करते है, इसका एक ताज़ा उदाहरण उस समय देखने को मिला जब नितिन गडकरी हिमाचल प्रदेश के चुनावी दौरे पर थे. जानकारी के अनुसर नितिन गडकरी हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के एक दुर्गम क्षेत्र में बीजेपी की चुनावी सभा को संबोधित करने पहुचे थे लेकिन जगह ख़राब थी जिसके चलते नितिन गडकरी से अनुरोध किया गया कि उन्हें बाइक पर पीछे बैठकर बैठक वाली जगह तक जाना पड़ेगा, लेकिन यहाँ नितिन गडकरी सारी व्यवस्था देखकर एक बात पर अड़ गए और कहा कि…

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नितिन गडकरी सारी व्यवस्था देखकर एक बात पर अड़ गए और कहा कि, “मैं बाइक पर बैठकर चला तो जाऊंगा लेकिन अगर मुझे हेलमेट नहीं मिला तो मैं बाइक पर नहीं बैठूँगा, बेशक ही मुझे पैदल क्यों ना जाना पड़े.” जी हाँ दरअसल मिली जानकारी के अनुसार मोटरसाइकिल चालक के पास तो अपना हेलमेट था लेकिन नितिन गडकरी को वहां दूसरा हेलमेट (जो वो पहनते) नज़र नहीं आया और बस उसके बाद ही वो इस बात पर अडिग हो गए कि हेलमेट नहीं तो सवारी नहीं. यहाँ ये बात भी जानना ज़रूरी है कि हिमाचल प्रदेश में चुनाव का समय करीब आने के साथ-साथ चुनाव प्रचार भी तेज़ रफ्तार पकड़ने लगी है.

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ऐसे में मिली जानकारी के मुताबिक नितिन गडकरी को एक मोटरसाइकिल से चुनावी सभा तक ले जाने के लिए एक पार्टी कार्यकर्ता हेलमेट पहन कर खुद तो पहले से तैयार था लेकिन उसके पास दूसरा हेलमेट मौजद नहीं था और बताया जा रहा है कि यही देखकर गडकरी ने पीछे बैठने से इनकार कर दिया और बोले “वो चुनावी सभा तक पैदल ही चल देंगे लेकिन बिना हेलमेट मोटरसाइकिल पर नहीं बैठेंगे, अब इसमें चाहे जितना वक्त लगे या जितनी भी मुश्किल आए”. बता दें कि इतना कहकर ही  नितिन गडकरी ने चुनावी सभा तक पहुंचने के लिए पैदल ही चलना शुरू कर दिया. यह देखकर पहले तो कार्यकर्ताओं के हाथ-पैर फूलने लगे और उन्होंने बार-बार विनती करना शुरू कर दिया पर गडकरी बिना हेलमेट मोटरसाइकिल पर बैठने को तैयार नहीं हुए हालाँकि उनको चलने में काफी तकलीफ हो रही थी, लेकिन वो बिना हेमलेट के मोटरसाइकिल पर बैठने को तैयार नहीं हुए और कहा कि “वे कानून का सम्मान करते हैं और इसी विभाग के मंत्री होने की वजह से उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है.” 

नोट: इसके बाद नितिन गडकरी की इस जायज़ जिद्द को देखते हुए लोगों ने पहले तो आसपास के घरों में हेलमेट के बारे में पूछना शुरू किया और फिर दुकानदारों से भी पूछा गया तब जाकर कहीं हेलमेट मिल पाया. हेलमेट मिलने के बाद कार्यकर्ताओं ने चैन की साँस ली और श्री गडकरी पीछे बैठकर चुनावी सभा के लिए रवाना हुए.

खबर source: आजतक

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