पूर्व प्रधानमंत्री और जेडी (एस) के प्रमुख एच.डी. देवगौड़ा ने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी को लेकर एक बयान दिया था. इस बयान में देवगौड़ा ने कहा था कि अगर भाजपा उम्मीदवार नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे तो वह कर्नाटक राज्य छोड़ देंगे, कहीं और बस जाएंगे. देवगौड़ा ने कहा कि भाजपा 272 सीटों पर जीत हासिल करती है तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे. अब एक बार फिर से देवगौड़ा ने एक बयान दिया है, इस बयान के शब्द 2014 में दिए गए बयान से बिलकुल उलटे हैं.

Source

जब देवगौड़ा से एक पत्रकार ने सवाल किया कि भविष्य में आपकी पार्टी राष्ट्रीय संदर्भ में कुछ सोचती है ? इसके जवाब में देवगौड़ा ने कहा कि अब मेरी उम्र 85 साल हो गई है और मुझे प्रधानमंत्री बनने की कोई महत्वाकांक्षा भी नहीं है. नरेंद्र मोदी मुझसे बड़े नेता हैं. वर्तमान समय में पीएम मोदी का कद बहुत ही बड़ गया है, शायद इसी को देखते हुए देवगौड़ा ने यह बयान दिया है.

Source

इसके बाद देवगौड़ा ने कहा कि मेरे सभी सुझाव देश के कल्याण के लिए हैं. महिला सशक्तिकरण के सवाल पर कहा कि प्रधानमंत्री ने हर निर्वाचन रैली में कहा था कि महिला सशक्तिकरण उनकी प्राथमिकता थी. मैं भी अपने कार्यकाल में (1996)में महिला आरक्षण विधेयक लाया था. अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह ने भी इसे फिर से शुरू किया और इसे पारित करने की कोशिश की थी लेकिन मुलायम सिंह, लालू यादव और शरद यादव ने इसका विरोध किया था.

Source

बिहार में लालू यादव की रैली को लेकर देवगौड़ा ने कहा कि कर्नाटक में 2008 की रैली का उनका अनुभव कड़वा रहा था. इस रैली में लालू यादव और कांग्रेस को छोड़कर सभी पार्टियों ने भाग लिया था. ऐसे ही कम्युनिस्टों ने तालकटोरा में एक रैली का आयोजन किया था, जिसमें ममता बनर्जी नहीं गई. हमने संयुक्त रूप से देश भर में और भी ऐसे अभियान चलाने की योजना बनाई थी ऐसी रैलियों से कुछ भी संकेत नहीं मिलता है.