वैसे तो आपने भी सामाजिक सौहार्द के ना जाने कितने ही मामले सुने और देखें होंगे लेकिन आज जो किस्सा हम आपके लिए लेकर आये हैं वो सुनने में ही यकीन नहीं होगा. मामला है श्योपुर के एक गांव के हनुमान मंदिर का. बताया जा रहा है इस मंदिर से सटकर ही एक मुस्लिम युवक जावेद अंसारी की ज़मीन थी. मंदिर छोटा था तो भक्त अन्दर नहीं जा पते थे. बताया जा रहा है कि ये देखकर जावेद अंसारी ने एक ऐसा कदम उठाया जिससे आज हर कोई हैरत में है.

मिली जानकारी के अनुसार मन्दिर में जगह कम होने के कारण भक्त सड़क पर खड़े होकर पूजा करते थे, इसके अलावा मंदिर में दीवार नहीं होने के कारण जानवर भी अंदर आ जाते थे. यह देखकर जावेद अंसारी को बहुत कष्ट होता था. ऐसे में अंत में उन्होंने साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल कायम करते हुए अपनी जमीन हनुमान मंदिर के लिए दान कर दी जिससे भक्त मंदिर में बैठकर पूजा कर सकेंगे.

जानकारी के लिए बता दें कि यह हनुमान मंदिर श्योपुर से करीब एक किलोमीटर दूर गुप्तेश्वर रोड स्थित मोतीपुर के पास बगवाज गांव में स्थित है. बताया जा रहा है कि मंदिर छोटा था और भक्त खड़े होकर पूजा करते थे सिर्फ इतना ही नहीं मंदिर की दीवार भी नहीं थी. भक्तों की इसी समस्या को देखते हुए एक हफ्ते पहले जावेद SDM दफ्तर पहुंचा. दफ्तर में जावेद SDM आरबी शिंडोसकर से मिले और अपनी जमीन का करीब 1900 वर्ग फीट हिस्सा मंदिर को दान के कागज सौंप दिए.

SDM शिंडोसकर ने बताया कि जावेद अंसारी ने खुद आवेदन दिया था कि वह अपनी जमीन मंदिर को दान कर रहा है. बताया जा रहा है कि पहले तो SDM जावेद की बात सुनकर हैरान रह गए, लेकिन जावेद की फैमिली से बात की सबने दान पर सहमति दे दी. इसके बाद SDM ने जावेद की जमीन इमली वाले हनुमान मंदिर समिति के नाम कर दी.