मंगलवार 5 सितम्बर को एक ख़बर आई जिसने देश को झकझोर कर रख दिया. ख़बर थी कन्नड़ साप्ताहिक अखबार की संपादक, वरिष्ठ पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश की गोली मारकर हत्‍या कर देने की. गौरी लंकेश की मौत दुखद थी ऐसे में उनकी हत्या पर बुद्धिजीवियों और पत्रकारों ने जहाँ एक तरफ इसकी निंदा की और इसे ‘अभिव्‍यक्ति की आजादी की मौत’ बताया तो वहीँ दूसरी तरफ किसी ने कहा कि “अच्छा हुआ, ये उनके ही कर्म थे.

आपको बता दें कि गौरी लंकेश कन्नड़ भाषा की साप्ताहिक पत्रिका गौरी लंकेश पत्रिका की संपादक थीं. गौरी लंकेश को हमेशा से ही निर्भीक और बेबाक पत्रकार माना जाता आया है. गौरी लंकेश शुरुआत से ही वामपंथी विचारधारा से प्रभावित थीं और हिंदुत्ववादी राजनीति की हमेशा से आलोचना करती आई थीं.

गौरी लंकेश की हत्या की खबर सुनते ही जेएनयूएसयू अध्‍यक्ष कन्हैया कुमार ने अपने ट्विटर पर एक फोटो पोस्ट करते हुए लिखा है कि ” गौरी लंकेश की हत्या की खबर सुनकर आहत हूं…वह मेरे लिए मां की तरह थी…व‍ह मेरे हृदय में हमेशा जिंदा रहेंगी.” आपको बता दें कि गौरी लंकेश ने भी अपने ट्विटर अकाउंट के कवर पेज पर कन्हैया कुमार के साथ तस्वीर लगा रखी थी. कन्हैया कुमार भी गौरी लंकेश से काफी प्रभावित थे.

कन्हैया कुमार ने जब ट्विटर पर ट्वीट करते हुए कहा कि ‘गौरी लंकेश उनकी माँ की तरह थी और वे हृदय में हमेशा जिंदा रहेंगी’ कन्हैया कुमार द्वारा ऐसा लिखा जानें पर लोगों ने कन्हैया का जमकर मज़ाक उड़ाना शुरू कर दिया था. एक आलोचक ने तो यह भी लिखा कि “अपने पिता के मरने पे क्या मंद मुस्कुराहट थी तब एक ट्वीट ना किया गया इनसे आज देखो राजनीति करने आये हैं.”

आपको बता दें कि यह आलोचक कोई और नहीं बल्कि ABVP का कार्यकर्ता है और इसका नाम राजन दुबे है. राजन दुबे ने कन्हैया कुमार की वो तस्वीर शेयर की है जिसमें कन्हैया लालू प्रसाद यादव के साले पप्पू यादव के दिख रहे हैं और उनके चेहरे पर अलग ही मुस्कराहट दिखाई दे रही है. यह तस्वीर उस वक्त की है जब कन्हैया कुमार के पिता का देहांत हुआ था.

खैर इस वक्त गौरी लंकेश की हत्या से सभी लोग सदमें में हैं खासतौर पर वो लोग जो वामपंथी विचारधारा के पथ पर चलते हैं. गौरी लंकेश भी  नक्सल समर्थक और वामपंथी विचारों के समर्थन में रहती थीं शायद यही एक वजह है जिसकी वजह से कन्हैया जैसे लोग ज्यादा रो रहे हैं. जी हाँ कन्हैया कुमार ने अपना एक और ट्वीट डाला था जिसमें उसने साफ़-साफ़ लिखा है कि गौरी शंकर ने मुझे सच बोलना सिखाया था.

कन्हैया कुमार कहते हैं कि गौरी लंकेश किसी से नहीं डरतीं थीं और हमेशा घृणा के खिलाफ आवाज बुलंद करतीं थीं…हम उनकी लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे.