देश की पहली पूर्णकालिक रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने 7 सितम्बर को अपना कार्यभार संभाला. दरअसल उन्होंने शपथ 3 सितम्बर को ही ले लिया था लेकिन उस वक्त कार्यवाहक रक्षामंत्री के रूप अरुण जेटली जापान की यात्रा पर थे. जिसकी वजह से रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण अपना कार्यभार ग्रहण नही कर पाई थीं.

वित्तमंत्री और पूर्व रक्षा मंत्री अरूण जेटली की उपस्थिति में निर्मला सीतारमण ने 7 सितंबर को रक्षा मंत्री का कार्यभार ग्रहण किया तो सबसे पहले उन्होंने सुरक्षाबलों और उनके परिवार वालों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता की बात कही. इस दौरान उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री जी ने मुझ पर जो विश्वास दिखाया है और यह पोर्टफोलियो दिया है उसके लिए बहुत बहुत शुक्रिया. सुरक्षाबलों के परिवार और उनका कल्याण मेरी पहली प्राथमिकता है.”  

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तो ये है रक्षामंत्री बनते ही निर्मला सीतारमण का पहला फैसला !  

पदभार संभालने के तुरंत बाद ही उन्होंने  रक्षा मंत्री एक्स-सर्विसमेन फंड (आरएमईडब्ल्यूएफ) से वित्तीय सहायता को मंजूरी दी.उन्होंने 8685 पूर्व सैनिकों, विधवाओं और आश्रित सैनिकों के लिए आर्म्ड फोर्सेज फ्लैग डे फंड से 13 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान जारी किया.