एक बार फिर भारत के जाने-माने स्कूल रयान में हुई एक घटना ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. दरअसल कल जब एक आम परिवार ने अपने 7 साल के बच्चे को स्कूल भेजा तो कुछ देर बाद स्कूल से फ़ोन आया कि आपका बच्चा अस्पताल में है. जब परिवार अस्पताल पहुंचा तो मासूम प्रद्युम्न की मौत हो चुकी थी. अब सवाल ये था कि आखिर बच्चे को स्कूल में किसने मारा ?

गुरुग्राम के नामी स्कूल रयान इंटरनेशनल में 7 साल के बच्चे को उस समय मार दिया गया जब वह  स्कूल के बाथरूम में गया था, प्रारंभिक जांच में बच्चे को मारने की ज़िम्मेदारी अशोक नाम के बस ड्राईवर ने ली है और यह कहा है कि मैंने ही बच्चे को चाक़ू से गला रेतकर मारा है लेकिन अभी-भी मामला पूरी तरह से साफ़ नहीं है क्योंकि कई बातें ऐसी हैं जो समझ से बाहर हैं.

इस बीच प्रद्दुम्न की माँ ने कहा है कि ड्राईवर को फंसाया जा रहा है उसने नहीं मारा मेरे बेटे को और मेरे बेटे की दुश्मन उसकी आँखे बनी हैं. बता दें आरोपी अशोक को 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है. धर सोहना के बार असोसिएशन ने फैसला किया है कि कोई भी वकील मासूम की हत्या करने वाले का केस नहीं लड़ेगा. यह अपने  आप में बहुत बड़ी बात है ऐसे में आरोपी को बचने का रास्ता नहीं मिल पायेगा.