बीते दो दिनों से गुरुग्राम के रेयान स्कूल में हुई सात साल के मासूम प्रद्युम्न की हत्या के बाद स्कूल की सुरक्षा पर बड़े सवाल लगातार ही उठ रहे हैं. इन्हीं खुलासों और सवालों के बीच रेयान स्कूल के बारे में एक और चौंकाने वाला सच सामने आया है. दरअसल खुलासा हुआ है कि अगर स्कूल और स्थानीय प्रशासन पुलिस विभाग के साथ पंजाब और हाई कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन करते तो शायद प्रद्युम्न के साथ ऐसा न होता.

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RTI के तहत मिली जानकारी में रेयान स्कूल के बारे में ये बात सामने आई है कि गुरुग्राम रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA) के पास प्राइवेट स्कूलों में चलने वाली बसों का कोई रिकॉर्ड नहीं है. सिर्फ इतना ही नहीं यहां तक कि अथॉरिटी को इस बात की भी जानकारी नहीं है कि ये बसें चलने की स्थिति में हैं भी या नहीं. बताया जा रहा है कि इस संबंध में हरिंदर ढींगरा नाम के व्यक्ति ने RTI के जरिए ये सूचना मांगी थी. RTI को मिले जवाब के मुताबिक, स्कूल बसों पर चलने वाले ड्राइवर और कंडक्टर के वेरिफिकेशन का भी कोई रिकॉर्ड गुरुग्राम रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के पास नहीं है.

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यहाँ हम आपको आपकी जानकारी के लिए बता दें कि स्कूल के ट्रांसपोर्ट इंचार्ज को बसों का इंस्पेक्शन फॉर्म भरना होता है जिसके बाद ये फॉर्म स्कूल रिकॉर्ड में भी मौजूद रहते हैं. हाँ लेकिन रेयान इंटरनेशनल स्कूल के पास बसों की ऐसी कोई जानकारी नहीं है.

जानकारी के लिए बता दें कि प्रद्युम्न का स्कूल के वॉशरूम में ही चाकू से वार कत्ल कर दिया गया है. कत्ल के आरोप में स्कूल के ही एक बस कंडक्टर, अशोक को गिरफ्तार किया गया है. ये भी जानकारी सामने आई है कि स्कूल ने आरोपी का कोई वेरिफिकेशन नहीं किया था. यहां तक कि शुक्रवार को यह घटना होने के बाद स्कूल ने कंडक्टर का आधार कार्ड लेकर लीपापोती करने की कोशिश की.