राम रहीम पर आरोप सिद्ध होने के बाद अखाड़ा परिषद् द्वारा फर्जी बाबाओं की लिस्ट जारी कर दी गयी. जिसके बाद विश्व हिन्दू परिषद् और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशवासियों से अपील की थी कि कोई भी व्यक्ति किसी ऐसे बाबा के जाल में न फंसे जो इस तरह के हैं.

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अखाड़ा परिषद् द्वारा जारी की गयी लिस्ट के बाद कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर दिया. दिग्विजय ने लिखा कि परिषद् ने बाबा रामदेव के नाम को लिस्ट में क्यों नहीं रखा है? बाबा तो सालों से लोगों को लूट रहा है. उन्होंने लिखा कि “सम्माननीय अखाड़ा परिषद ने इस सूचि में बाबा रामदेव का नाम नहीं रखा। निराशा हुई। पूरे देश को ठग रहा है। नक़ली को असली बता कर बेंच रहा है।” 

दिग्विजय सिंह के इस ट्वीट के बाद लोगों ने उन्हें अपने निशाने पर ले लिया और वह ट्रोल हो गए. यूज़र्स ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया. किसी यूज़र्स ने सोनिया-राहुल पर निशाना साधा तो किसी ने आचार्य प्रमोद कृष्णन को फर्जी बाबाओं की लिस्ट में शामिल करने की मांग कर डाली.

इस यूज़र्स ने लिखा कि इस लिस्ट में सबसे ऊपर राहुल बाबा का नाम रखना था जो नकली बनकर इस देश को ठग रहा है.

अनूप नाम के इस यूज़र ने जवाब देते हुए कहा कि तू भी तो सालों से नकली गांधियों को असली बताकर बेच रहा है.

करन नाम के इस यूज़र ने लिखा कि सबसे ऊपर आचार्य प्रमोद का नाम लिखना चाहिए था बुढऊ.. कोई बात नहीं अगली सूची में डाल देंगे.

वहीं प्राची नाम की इस यूज़र ने जमकर दिग्विजय की चुटकी ली और कह दिया.. कि गली के कुत्ते का नाम दिग्विजय रखूं या दिग्विजय का नाम गली का कुत्ता रखूं.

वहीं इस यूज़र ने जवाब दे दिया कि रामदेव की ही दवाइयों का असर है के तू शादी कर पाया. भूल गया