लगातार पांच महीने तक चले डोकलाम विवाद के दौरान चीन और भारतीय मीडिया दोनों ने ही इस मुद्दे को लेकर जमकर बहस की थी. चीन की आधिकारिक मीडिया ने कई बार यह बात कही गयी थी कि क्या भारत 1962 की जंग भूल गया है ? पर एक ऐसी लड़ाई भी थी जिसमें भारतीय सैनिकों ने चीन की हेकड़ी निकाल दी थी लेकिन चीन कभी उस युद्ध के बारे में बात नहीं करता.

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1962 के युद्ध के पांच साल बाद एक और चीन-भारत युद्ध हुआ था जिसके बारे में चीन कभी ज़िक्र नहीं करता है. डोकलाम घाटी से थोड़ी ही दूर एक और इलाका है नाथूला जहां भारतीय सेना की लड़ाई चीन से हुई थी. ज्ञात हो 1967 की यह लड़ाई भारत और चीन के बीच की आखरी लड़ाई थी. चार दिन की यह लड़ाई में 300 चीनी सैनिक मारे गये थे और 65 भारतीय जवान शहीद हुए थे.

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यह लड़ाई उस समय की है जब सिक्किम भारत का अंग नहीं था तो ऐसे में चीन ने दो भारतीय राजनयिकों को पेकिंग (बीजिंग का पुराना नाम) से जासूसी के आरोप में निकाल दिया और इसके जवाब में भारत ने चीनी दूतावास को निकल दिया, ऐसे में दोनों देश के रिश्ते काफी कमजोर हो गये थे. उस समय नाथू ला ब्रिगेड की कमान संभाल रहे मेजर जनरल(रिटायर्ड) शेरू थपलियाल बताते हैं कि चीन ने 1965 के भारत-पाक युद्ध के बाद भारत को नाथू ला और जेलेप ला दर्रा खाली करने के लिए चेतावनी दी थी तो इसके बाद भारत ने वो इलाका खाली कर दिया. मेजर जनरल सगत सिंह ने बाद में उस इलाके को खाली करने से मना कर दिया और एक बार फिर भारत चीन के बीच युद्ध जैसी हालत हो गयी.

 

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चीन लगातार लाउडस्पीकर की मदद से भारत को धमकता रहा लेकिन मेजर ने चीन की एक ना सुनी, इसके बाद चीन सीमा पर कई सैनिक लेकर पहुंचा तो जनरल सगत सिंह ने कुछ भी जवाब नहीं दिया इससे बौखलाकर चीन वापस चला गया.  इसके बाद बॉर्डर पर भारतीय सेना ने कटीली तार लगा दी लेकिन चीन को यह मंजूर नहीं था तो वो रोज़ वहां तक आते और कुछ बोलते फिर चले जाते. ऐसा कई दिनों तक चलता रहा भारतीय सेना चीन की इस हरकत को ध्यान से देख रही थी.

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1967 में भारतीय सेना ने  कॉनसर्टेिना क्वॉयल (छल्लाकार बाड़)  लगानी शुरू  कर दी जिससे चीन बौखला गया, चीनी टुकड़ी के प्रमुख ने भारतीय कमांडिंग अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल राय सिंह से इस पर बहस की जिसके बाद काम रुक गया लेकिन सात सितंबर को दोबारा काम शुरू हो गया. इसके   बाद बौखलाई  चीन सेना के 100 लोग लपके और देखते ही देखते भारतीय सेना की जाट रेजिमेंट ने चीनियों की पिटाई कर दी.  चीन अब वः बात भूल गया है और इस बारे में कभी बात नहीं करता है जबकि चीन जानता है कि अब भारत और भी ज्यादा ताकतवर हो गया है.