गुजरात के निलंबित IPS अधिकारी संजीव भट्ट को जिस वक़्त से बर्ख़ास्त किया गया है उसी समय से मानो उन्होंने बीजेपी के खिलाफ़ ज़हर उगलने का बीड़ा सा उठा लिया है. जानकारी के लिए बता दें कि संजीव काफी लंबे समय से सस्पेंड चल रहे हैं. आईपीएस संजीव भट्ट पर बिना इजाज़त लंबी छुट्टी लेने के कारण कार्रवाई की गई थी. कहना गलत नहीं होगा कि संजीव भट्ट की पहचान गुजरात सरकार के साथ 2002 के दंगों को लेकर भिड़ने वाले अफसर के रूप में रही है.

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बताया जाता है कि गुजरात के जूनागढ़ में चौकी नामक जगह पर संजीव डीआईजी के पद पर तैनात थे. 2013 में संजीव को चार्जशीट दी गई थी, जिसमें उनपर आरोप थे कि जहां संजीव भट्ट की पोस्टिंग थी, वहां ये नहीं रहे. दूसरा आरोप मैन पावर का गलत प्रयोग और वहां तैनात लोगों का प्रयोग अहमदाबाद के घर पर किया गया. तीसरा आरोप  सरकारी हथियार उन्होंने वापस नहीं किया.

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ऐसे में अब इस बार पीएम मोदी और उनकी पत्नी को घसीटते हुए ऐसी नीच हरकत कर डाली है जिसके बारे में जानकर आपको भी संजीव भट्ट की औकात का पता चल जायेगा. दरअसल इस बार संजीव भट्ट ने पीएम मोदी की पत्नी की एक तस्वीर के साथ अभद्रता दिखाते हुए ट्वीट किया है. इस तस्वीर में पीएम मोदी जापानी पीएम शिंजो आबे और उनकी पत्नी के साथ खड़े नज़र आ रहे हैं, लेकिन संजीव भट्ट ने घटिया हरकत करते हुए इसमें पीएम मोदी की पत्नी को भी जोड़ दिया है.

इतना ही नहीं संजीव भट्ट ने इस फ़ोटो का कैप्शन लिखा है कि, “इस तरह से ये फ़ोटो एक हँसता-खेलता फ़ोटो हो सकता था. लेकिन आप में से क्या किसी को भी अंदाज़ा है कि हमारे पीएम (यहाँ उन्होंने पीएम मोदी के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया है) ने यहाँ किसी राजा महराजा की तरह कमरबंद क्यों ओढ़ा हुआ है?”

 हालाँकि आपकी जानकारी के लिए बता दें कि संजीव भट्ट के इस अभद्र ट्वीट पर लोगों ने भी उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया. आप ख़ुद देखिये कैसे लोगों ने संजीव भट्ट को तरह-तरह के ट्वीट कर उन्हें उनकी गलती का एहसास करने की भी कोशिश की.

वाकई ये ट्वीट कई मायनों में गलत है. पहला पीएम मोदी की पत्नी को इस तरह से यहाँ घसीटना कितना उचित है? आखिर उनको इस तस्वीर में जोड़कर संजीव भट्ट क्या ही दर्शाना चाहते हैं. दूसरा देश के प्रधानमंत्री के लिए इस तरह की भाषा का उपयोग करना भी कहाँ तक उचित है?