हाल ही में जापान के पीएम ने भारत का दौरा किया था और भारत की पहली हाई स्पीड मेट्रो की नीव रखी थी. आपको बता दें जापान के पीएम शिंजो आबे का पीएम मोदी ने गुजरात में ज़ोरदार स्वागत किया था और उन्हें एक मस्जिद भी दिखाने ले गये थे. यह 11वीं बार था जब पीएम मोदी और शिंजो आबे ने मुलाकात की थी. ज़ाहिर है पीएम मोदी और शिंजो आबे को मिलते देख चीन बौखला गया होगा लेकिन बौखलाहट के चलते ऐसी बात बोलेगा किसी ने नहीं सोचा होगा.

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दरअसल चीनी विदेश मंत्रालय ने बिना जापान का नाम लिए चेतावनी देते हुए कहा कि उत्तर-पूर्व भारत के विवादित क्षेत्र(भारत-चीन सीमा विवाद) में किसी भी देश का इन्वेस्टमेंट भारत-चीन सीमा विवाद के खिलाफ है. चीन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चुनयिंग ने कहा कि किसी भी इन्वेस्टमेंट से पहले आपको यह पता होना चाहिए कि भारत और चीन सीमा पूरी तरह से सीमांकित नहीं है.

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आपको बता दें चीन पहले ही डोकलाम विवाद में दुनियाभर में अपनी किरकिरी करा चुका है और अब एक बार फिर भारत और जापान के बीच बोलते हुए फंस सकता है. ज्ञात हो शिंजो आबे ने पूर्व में इन्वेस्टमेंट करने के लिए इक्षा जताई थी.