साल 2011 में यूपीए-2 शासन के दौरान योग गुरु रामदेव से हवाईअड्डे पर जाकर मिलने को लेकर देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शनिवार (14 अक्टूबर) को इंडियन एक्सप्रेस अड्डा में यह कहा कि रामदेव से मिलना उनकी सबसे बड़ी गलती थी. प्रणब मुखर्जी कहते हैं कि उस वक्त वे और कपिल सिब्बल दोनों ही दिल्ली हवाईअड्डे पर बाबा रामदेव से बातचीत करके उनको भूख-हड़ताल से रोकने के लिए अनुरोध करने गए थे, लेकिन उस दिन उनकी बातचीत विफल रही थी.

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आपको बात दें कि प्रणब मुख़र्जी उस वक्त यूपीए-2 सरकार में केंद्रीय मंत्री थे और उस वक्त अन्ना हजारे के भी आन्दोलन ने देश में खूब तूल पकड़ी हुई थी. जिससे यूपीए-2 सरकार परेशान थी कि कहीं अगर दूसरा आन्दोलन हो गया तो इसका खामियाजा बहुत ही बुरा होगा, इसलिए यूपीए सरकार चाहती थी कि क्यों न भूख-हड़ताल शुरू होने से पहले ही बाबा रामदेव से बातचीत कर मामला सुलझा लिया जाये.

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इंडियन एक्सप्रेस अड्डा के मंच के ज़रिये प्रणब मुखर्जी ने कहा, “जहाँ तक मुझे याद है कि मैं और कपिल सिब्बल गये थे रामदेव से मिलने गए थे,क्योंकि हमें लगा था कि हम पहले ही एक ओर अन्ना हजारे के आंदोलन का सामना कर रहे हैं. जिससे सरकार को काफी दिक्कत भी हो रही थी और लोग सरकार का मज़ाक बना रहे थे. इसलिए हमने सोचा कि अगर रामदेव द्वारा भी आंदोलन छिड़ गया तो गलत हो जायेगा तो क्यों न शुरू होने से पहले ही सुलझा लिया जाये.

प्रणब मुखर्जी ने सबसे बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि वे अपनी मर्ज़ी से बाबा रामदेव के पास नहीं गए थे बल्कि उन्हें किसी दूसरे नेता ने इस बात की सलाह दी थी कि वे बाबा रामदेव से बात करके मसले को पहले ही सुलझा लें तो बेहतर होगा. प्रणब मुखर्जी ने आगे कहा कि वे किसी का भी नाम नहीं लेना चाहते लेकिन उन्होंने इस सन्दर्भ में कुछ लोगों से मुलाक़ात ज़रूर की थी, जिस मुलाकात में मुझसे यह कहा गया था कि अगर मै दिल्ली पहुंचकर उनके अनुयायियों के मिलने से पहले मै बाबा रामदेव से मिल लूँ तो वे मेरी बात सुनेंगे. इस एक व्यक्ति जिसने मुझे सलाह दी थी उसनें तो मुझे यह भी कहा था कि उसकी बाबा रामदेव से बात हो चुकी है बस मुझे उनसे मिलना होगा जाकर.

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प्रणब मुखर्जी से जब यह पूछा गया कि वो कपिल सिब्बल को लेकर क्यों गए थे. 

प्रणब मुखर्जी ने जवाब में कहा कि मेरी हिंदी अच्छी नहीं थी इसलिए मुझे डर था कि मै हिंदी में कैसे बात करूँगा इसलिए मुझसे कहा गया कि आप किसी ऐसे आदमी को साथ लेकर जाइए जो आपके लिए दुभाषिये के तौर पर काम कर सके. तभी मै कपिल सिब्बल को अपने साथ लेकर गया था, लेकिन बाद में मुझे अहसास हुआ कि ऐसा करना मेरा सबसे बड़ा गलत फैसला था क्योंकि इतना सब कुछ करने के बावजूद कोई रिजल्ट नहीं निकला था.