गुजरात में विधानसभा चुनाव के चलते बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. नेताओं ने दल बदलना शुरू कर दिया है. कई नेता पार्टी छोड़ के अन्य पार्टियों में शामिल हो रहे हैं. ऐसे में पाटीदार आन्दोलन के दो नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी का हाथ थाम लिया जिसके बाद कुछ लोगों को यह बात रास नही आई और उन्होंने जो किया उसे देखकर हर कोई हैरान रह गया. जिसका वीडियो इस समय खूब वायरल हो रहा है. आपको जानकारी के लिए बता दें कि गुजरात में विधानसभा चुनाव के चलते राजनीति में काफी हलचल देखने को मिल रही है.

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दरअसल पाटीदार आन्दोलन के दो नेता वरुण पटेल और रेश्मा पटेल ने भारतीय जनता पार्टी का हाथ थाम लिया हैं. जिसके बाद ये दोनों नेता प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे. तभी वहां कुछ लोग पहुँच गये और हंगामा करने लगे. वहां मौजूद मीडियाकर्मियों से कैमरे बंद करने को कहने लगे और नारे लगाने लगे. इस पूरे घटनाक्रम का किसी ने वीडियो बना लिया और यह वीडियो कई न्यूज चैनलों पर भी दिखाया गया.

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हंगामा होने पर पहले दोनों नेता कार्यकर्ताओं के साथ ही बैठकर पार्टी के समर्थन में नारे लगाते है लेकिन जब स्थिति को काबू से बाहर देखते हैं तो दोनों नेता वहां से भाग जाने में ही भलाई समझे और वहां से निकल गये. रेश्मा पटेल का कहना है कि प्रेस कांफ्रेंस के दौरान 4-5 कांग्रेस के एजेंट आये और ‘जय सरदार’ के नारे लगाने लगे. इसके साथ ही रेश्मा ने कई बड़े खुलासे भी किये जो कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करते हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस आन्दोलनकारियों को खरीदती हैं और वो पैसे देकर विरोध प्रदर्शन के लिए भेजती है.

गुजरात भाजपा की खराब स्थिति।हाल ही में पाटीदार आंदोलन से अलग हो कर BJP4India : Bharatiya Janta Party मे जुडे नेता श्री Varun Patel और Reshma Patel की प्रेस कोन्फरन्स को बीच मे ही पाटीदार युवको ने अटका दिया।माननीय प्रधानमंत्री नरेँद्र मोदी जी को अपशब्द कहनेवाले एवं श्री Narendra Modi जी का बार बार अपमान करनेवाले इस दोनो युवा को आदरणीय श्री Amit Shah जी ने कैसे भाजपा मे शामिल किया ये खुद बीजेपी के कार्यकर्ता को ही समज मे नही आया।

Posted by Fekunama on 2017 m. spalis 24 d.

आपको बता दें कि दोनों ही नेता हार्दिक पटेल के करीबी माने जाते थे. इन दोनों नेताओं ने हार्दिक पटेल से नाराजगी के बाद बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह से मुलाक़ात की थी जिसके बाद इन दोनों नेताओं ने बीजेपी का हाथ थाम लिया लेकिन जिस तरह कांग्रेस और हार्दिक पटेल के बीच में गुप्त बातचीत चल रही है उसे देखते हुए इसे कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.