याद कीजिये कि जब उत्तर प्रदेश में योगी सरकार का गठन हुआ तो उस वक्त लिए गये सबसे बड़े फैसलों में बूचड़खानों पर लगाम लगाना भी शामिल था. योगी सरकार द्वारा दिए गये इस फरमान के बाद कुछ मुस्लिमों में बड़ी अफरा-तफरी मच गयी थी. कुछ लोगों ने व्यवसाय के नाम पर बवाल काटा तो कुछ लोगों ने धर्म के आधार पर और उन्हीं सब की पीछे कुछ मुस्लिम नेताओं ने भी अपने तीर को निशाने पर लगाने का प्रयास किया. इसमें आज़म खां सरीखे नेता भी पीछे नही रहे. इस मामले में मुस्लिमों का मसीहा बनने वाले नेताओं ने योगी सरकार के इस फैसले का काफी विरोध किया था. हालांकि अब योगी ने बूचड़नखानों के बंद होने के बाद कुछ ऐसा बयान दिया है जो आजम खां जैसे कुछ और नेताओं को चुप्पी रखने पर मजबूर कर देगा.

बता दें कि 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बहुमत मिला तो दूसरी पार्टियों के दिन लद गये और इसके साथ ही उनके भी अच्छे दिन चले गये जो राजनीति के चलते हिन्दू-मुस्लिम का खेल खेलते थे. जनसत्ता की एक खबर के मुताबिक रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम में बूचड़खानों के बंद होने पर कहा कि “यूपी में उनकी सरकार आने के बाद गोहत्या तो दूर की बात गाय के साथ क्रूरता करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो रही है और जो करेगा उसकी जगह सिर्फ जेल में होगी.”

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यही नही CM योगी ने ये भी कहा कि “किसी में अब इतनी भी हिम्मत नही कि वो गाय के मांस का एक टुकड़ा भी निर्यात कर सके. जो लोग कहते हैं कि यूपी गौमांस निर्यात करने में सबसे आगे हैं उनके लिए बता दूँ कि ये सरासर गलत है, सर्वाधिक गोमांस निर्यात करने में उत्तर प्रदेश सबसे आगे नही है.” प्रदेश में जिस तरीके से बूचड़खानों पर रोक लगी है खासकर गौकशी को लेकर उससे धर्म विशेष की राजनीति करने वालों के पास अब कोई मुद्दा नही है. हमेशा से देखा गया है कि पिछली सरकारों में हिन्दू धर्म के तीज-त्योहारों पर खास तरीके के फरमान जारी कर दिए जाते थे लेकिन अब बीजेपी की सरकार के बाद हिन्दू धर्म के लोगों को थोड़ी राहत मिली है.