जम्मू कश्मीर में पिछले कई सालों ने आतकवादियों ने दहशत फैलाया हुआ था. जिसके चलते इन आतंकवादियों ने स्थानीय लोगों की डरा धमका कर उनके घर में रहकर हमारी सेना पर हमला करते थे और फिर छुप कर इन्ही के घरों में बैठ जाते थे लेकिन पिछले एक साल से जिस तरह सेना ने आतंकवादियों को चुन-चुन कर उन्हें मौत के घाट उतारना शुरू किया उसके बाद से आतंकवादियों के साथ-साथ सीमा पार बैठे उनके आकाओं में हडकंप मचा हुआ है. आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर मे कमांडर के मारे जाने के बाद उसकी जगह लेने के लिए आये एक आतंकवादी को देखिए सेना ने कैसे जवाब दिया!

Source

 कमांडर का पद लेने आया था अब्दुल कयूम

आपको बता दें कि घाटी में लगातार मारे गये टॉप कमांडर्स का पद लेने के लिए सीमा पार से एक आतंकवादी को भेजा गया था लेकिन सिक्युरिटी फोर्सेस ने उसे LOC पर ही ढेर कर दिया जिसके बाद से आतंवादियों में और दहशत फैली हुई है. इस साल लश्कर-हिजबुल के 5 कमांडर समेत कुल 144 आतंकी मारे जा चुके है जिसके बाद अब्दुल कयूम कश्मीर में हिज्बुल का कमांड संभालने आया था लेकिन वो मंगलवार सुबह लच्छीपोरा घुसपैठ की कोशिश में मारा गया.

Source

कौन था अब्दुल कयूम नजर?

आपको बता दें कि अब्दुल कयूम नजर 50  से ज्यादा हत्याओं में वांटेड था 10 लाख रूपये के इनामी इस आतंकवादी को सोपोर में पुलिस वालों की हत्या के मामले में तलाश थी. अब्दुल कयूम को हिजबुल की खाली जगह संभाल कर संगठन को फिर से खड़ा करने की जिम्मेदारी थी.

Source

फोर्सेस ने उड़ी जैसे हमले की साजिश को किया नाकाम 

रविवार को सेना के जवानों ने उरी जैसे बड़े हमले को नाकाम कर दिया. उड़ी ब्रिगेड के डिप्टी कमांडर हरप्रीत सिंह ने बताया कि कालगई में कुछ आतंकवादियों के छिपने की खबर मिलने के बाद हमने तलाशी अभियान शुरू कर दिया इस दौरान आतकंवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी जिसके बाद सेना की जवाबी कार्यवाही में तीन आतंकी मारे गये. जबकि सोमवार को एक और आंतकी को सेना के जवानों ने मार गिराया.

Source

इस साल 5 कमांडर समेत मारे गये सैकड़ों आतंकी 

जम्मू कश्मीर में आतकंवादियों के लिए काल बनी सेना ने इस साल लगभग 144 आतंकवादियों का सफाया कर चुकी है. इनमें लश्कर-हिजबुल के 5 कमांडर भी शामिल हैं. आपको बता दें कि मई में सब्जार भट (हिजबुल) को सेना ने मार गिराया सब्जार बुरहान वानी का उत्तराधिकारी था. बुरहान वानी को सेना ने 8 जुलाई को मार गिराया था. इसके बाद सितम्बर में सितंबर में अब्दुल कयूम (हिजबुल), जून में जुनैद मट्टू (लश्कर) और अगस्त में अबु दुजाना (लश्कर) को सेना ने मार गिराया.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here