याद हो तो जिस दिन हनीप्रीत ने 38 दिनों की छुपा-छुपी के बाद मीडिया के सामने आने का मन बनाया या यूँ कहिये जब फ़रार हनीप्रीत पहली बार मीडिया के सामने आई तो उन्होंने साफ़ तौर पर कहा था कि, ” मैं भागी नहीं थी और अब मैं वापिस आ गयी हूँ तो पुलिस जांच में पूरा-पूरा सहयोग करुँगी.” हालाँकि हनीप्रीत के रंग यहाँ भी बदलते देर नहीं लगी और जांच में सहयोग देना तो भूल ही जाइये हनीप्रीत तो मानो इस फिराक में लगी हुई हैं कि वो कैसे भी करके इस जांच को और मुश्किल ही बना दें.

source

“मुझे कोई TOUCH नहीं करेगा” 

अब इसे जांच में सहयोग करना तो नहीं कहेंगें कि जहाँ एक तरफ पुलिस अधिकारी सवालों की गुत्थी सुलझा कर इस मामले को अंजाम तक लाने की कोशिश कर रहे हैं वहीँ 40 में से 13 सवालों के जवाब में गोलमोल उत्तर देकर हनीप्रीत ने पुलिस को और परेशान कर दिया है. ऐसे में बताया जा रहा है कि इन्ही सवाल जवाब के दौरान एक बार हनीप्रीत तैश में आ जाती हैं और पुलिस अधिकारी से कहती हैं कि, “मुझे कोई TOUCH नहीं करेगा.” जिसके जवाब में पुलिस अधिकारी दो पल को तो मानो सन्न रह गए लेकिन तभी उन्होंने हनीप्रीत को ज़मीनी हकीकत से रूबरू कराते हुए कहा कि, “हम आपके साथ कुछ नहीं करेंगे, लेकिन कुछ ही देर में महिला अफसर आने वाली हैं जो आपसे बात भी करेंगी, पूछताछ भी करेंगी, और ज़रूरत पड़ी तो टच भी करेंगी.”

source 

जानिए कहाँ तक पहुंची है ये जांच? 

जानकारी के लिए बताते चलें कि जहाँ एक तरफ हनीप्रीत कुछ भी बताने से बचती नज़र आ रही हैं वहीँ दूसरी तरफ उसके बारे में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जी हाँ, जहाँ डेरा की संपत्ति के सवाल पर हनीप्रीत ने जवाब में कहा था कि उसे कुछ नहीं पता वहीँ अभी एक तलाशी के दौरान सामने आया कि हनीप्रीत ही डेरे में सारा फाइनेंस का काम संभालती थी. इसके अलावा जांच में ये भी बात सामने आई है कि पंचकूला में हुए दंगा को लेकर 17 अगस्त की मीटिंग के बाद चमकौर को सवा करोड़ रुपए देकर उसी ने भेजा था. खैर ये खुलासों का अंत तो नहीं है. जिस तरह की खबरे अभी तक मीडिया में बाबा और उनकी लाडली को लेकर चली है उससे ये कहना गलत नहीं होगा कि उससे जुड़ा कुछ ख़ुलासा तो हनीप्रीत के नार्को टेस्ट में भी हो ही सकता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here