संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती अभी सिनेमा घरों तक पहुंची नहीं है लेकिन इस फिल्म को लेकर घमासान लगातार जारी है. इस फिल्म को लेकर अब राजनीतिक पार्टियों के बीच भी बहस होनी शुरू हो गई है. इस फिल्म को लेकर शशि थरूर ने कहा कि, आज जो ये तथाकथित जांबाज महाराजा एक फिल्मकार के पीछे पड़े हैं और दावा कर रहे हैं कि उनका सम्मान दांव पर लग गया है, यही लोग उस समय भाग खड़े हुए थे जब ब्रिटिश शासकों ने उनके मान-सम्मान को रौंद दिया था.’ उनके इस बयान पर अब स्मृति ईरानी ने करार तंज कसा है.

जी हाँ नवभारत टाइम्स में छपी एक खबर के मुताबिक स्मृति इरानी ने भी थरूर को ताना मारते हुए कांग्रेस के ‘राजाओं’ का सहारा लिया और पूछा कि ‘क्या सभी महाराजाओं ने ब्रिटिश के सामने घुटने टेके थे? शशि थरूर द्वारा की गयी इस तरह की टिप्पणी पर क्या कहेंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया, अमरिंदर सिंह और दिग्गी राजा ?’ आपको बता दें कि स्मृति इरानी ने इन सभी का नाम लेकर शशि थरूर को इसलिए ताना मारा है क्योंकि ये सभी लोग  राजपूत शासकों के घराने का प्रतिनिधित्व करते हैं.

हालांकि शुक्रवार यानी 16 नवंबर को जब शशि थरूर ने ट्वीट कर के पद्मावाती पर अपनी टिप्पणी की थी उसके ठीक कुछ ही देर बाद उन्होंने अपनी सफाई भी पेश की. अपनी सफाई में उन्होंने कहा था कि वो राजपूत समाज की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते थे.

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