फिल्म दंगल याद है ना आपको? उसमें आमिर खान की एक्टिंग से भी ज्यादा दमदार अगर कुछ था तो उन 4 लड़कियों का डेब्यू, जिन्होंने फिल्म में आमिर खान की बेटियों का किरदार निभाया था. इन्हीं 4 लड़कियों में से एक थीं ज़ायरा वसीम. उम्र में महज़ 17 साल की ज़ायरा एक्टिंग में इतनी दमदार हैं कि इनके आगे अच्छी-अच्छी एक्ट्रेसेज पानी भरें. नहीं नहीं हम उनकी फिल्म दंगल में की गयी एक्टिंग की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि हम यहाँ बात कर रहे हैं उनकी उस एक्टिंग की जो उन्होंने एअरपोर्ट पर लाइव वीडियो में दुनिया को दिखाई. इस वीडियो में ज़ायरा सिसक-सिसक कर रो रहीं हैं, ध्यान से देखिये तो ये आंसू असली लगेंगें लेकिन इन आंसुओं की जो हकीकत अब सामने आ रही है वो शर्मसार कर देने वाली है.

SOURCE

ज़ायरा ने कहा, “आदमी ने मुझे पैर से कमर पर गलत तरीके से छुआ”

एअरपोर्ट से ज़ायरा ने एक लाइव वीडियो स्ट्रीम किया जिसे देखकर लोगों का गुस्सा फूट गया. सबने कहा कि आदमी की गलती है, उसने एक बच्ची (ज़ायरा महज़ 17 साल की एक्ट्रेस हैं) को ऐसे कैसे छुआ? लोगों ने क्यों गलत के खिलाफ अपनी आवाज़ नहीं उठाई वगैरह-वगैरह. यानी की सभी ज़ायरा के आंसुओं से पिघल गए थे, इस कदर पिघल गए थे कि उन्होंने दूसरे पक्ष की बात सुननी तक नहीं चाही, समझनी तो दूर की बात है, लेकिन आज इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको इस कहानी का वो पहलू बताने जा रहे हैं जिसे सुनकर आपको भी ज़ायरा के आंसुओं का सच पता चल जायेगा.

SOURCE

वीडियो की कहानी सच्चाई से मेल नहीं खा रही

ज़ायरा ने रोते-रोते अपने वीडियो में कहा था कि, “वो मेरे पीछे बैठा था और मुझे गलत तरीके से छू रहा था. ये क्या तरीका है? ऐसे ही रहा तो हमारे देश की बेटियां कैसे सुरक्षित रहेंगी?” ये शब्द और सवाल ज़ायरा वसीम के थे. हालाँकि दुनिया की नज़रों में आरोपी साबित किये जा चुके शख्स की पत्नी ने जो बयान दिया उससे कहीं-ना-कहीं ये कहानी साफ़ तो होती है लेकिन हमने वो पहलु देखा नहीं, या शायद समझा नहीं.

SOURCE

“‘आरोपी’ की पत्नी ने बताया कि उस दिन (जिस दिन ये वाकया हुआ) मेरे पति अंतिम संस्कार से वापिस लौट रहे थे. वो थके थे और दुखी थे. फ्लाइट में आते ही उन्होंने क्रू से एक कंबल माँगा और कहा कि मुझे प्लीज डिस्टर्ब मत कीजियेगा. इतना कह कर वो सो गए. वो खाना खाने भी नहीं उठे थे. इसी बीच फ्लाइट के लैंड होते वक़्त उन्हें ज़ायरा के चीखने-चिल्लाने की आवाजें आयीं, लेकिन वो कुछ समझ पाते उससे पहले ही ये मुद्दा नेशनल इशू बन चुका था. मेरे पति 24 घंटे से सोये नहीं थे, वो बस आराम कर रहे थे. हाँ उनका पैर आर्म-रेस्ट पर ज़रूर था लेकिन किसी को परेशान करने के इरादे से नहीं. वो खुद एक बाल-बच्चे वाले इंसान है वो ऐसा कर ही नहीं सकते. कोई ग़लतफ़हमी हुई है. मुझे ये समझ नहीं आ रहा कि अगर ऐसा था भी तो ज़ायरा ने पहले क्यों नहीं बोला अचानक से क्यों रियेक्ट किया?”

SOURCE

कुछ अनसुलझे सवाल 

  • चलिए मान लिया कि जायरा के साथ कुछ गलत हुआ भी है तो उन्होंने इसकी शिकायत क्रू से क्यों नहीं की? बता दें कि ये बात हम नहीं एयरलाइन्स की तरफ से कही गयी है कि जायरा ने उनसे कोई शिकायत नहीं कि बल्कि सीधे इन्स्टाग्राम पर लाइव चली गयीं, क्यों?
  • जब ज़ायरा की माँ को इस बात की जानकारी दी गयी तो उन्होंने भी शिकायत दर्ज करने से साफ़ इनकार कर दिया. अब यहाँ अगर आप बदनामी का एंगल लाते हैं तो ये सोच लीजिये कि बदनामी तो फिर लाइव जाने से भी होती ना?
  • केबिन क्रू ने जब जायरा की मां से पूछा कि उन्होंने पहले क्यों नहीं अलर्ट किया? तो उन्होंने कहा कि उन्हें भी इस बारे में लैंडिंग करते समय पता चला. मतलब? ज़ायरा की कहानी के अनुसार उनके साथ ‘आरोपी’ ने लम्बे समय तक छेड़छाड़ की, फ्लाइट चलती रही, लोग देखते रहे, लेकिन खुद ज़ायरा की माँ को इस बात की जानकारी देर से मिली?
  • यहाँ इस बात पर भी गौर कर लीजिये कि क्रू ने जायरा की मां से शिकायत दर्ज करवाने और आरोपी को टर्मिनल से निकलने से पहले हिरासत में लेने के बारे में पूछा, तब वे कुछ कह नहीं पाईं थीं. इसका क्या कोई मतलब है?

यहाँ लोगों की जानकारी के लिए अगर हम ये बताएं कि ज़ायरा की ‘लाजवाब एक्टिंग’ के चलते ‘आरोपी’ शख्स पर क्या-क्या चार्ज लगाये गए हैं तो यकीनन आपको भी गुस्सा आ जायेगा. जानकारी के लिए बता दें कि ज़ायरा के ‘आरोपी’ की पहचान 39 साल के विकास सचदेव के तौर पर हुई थी. जिनपर एक लड़की का शील-भंग करने जैसे संगीन आरोपों के मद्देनजर आईपीसी के सेक्शन 354 (शीलभंग करने के इरादे से महिला पर अटैक करना) और प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंस (POCSO) एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. विकास सचदेव अब आरोपी है और ज़ायरा एक बेहतरीन एक्ट्रेस. 

SOURCE

ज़ायरा की ये कहानी सिर्फ हमें ही नहीं बल्कि कई सारे लोगों को मनगढंत लगी, क्यों? आइये जानते हैं

याद हो तो मामला जैसे ही मीडिया में आया था तब बहुत से लोगों ने जायरा का समर्थन किया था, लेकिन उस वक़्त भी कुछ ऐसे लोग थे जिन्होंने जायरा की इस बात को झूठा और मनगढंत बताया था. इसकी वजह भी है. क्या? आईये ट्वीट के जरिये आपको दिखाने की कोशिश करते हैं जायरा की कहानी को झूठा बताने वाली पहली महिला की विचारधारा.

इस कड़ी में सबसे पहला नाम आता है जाग्रति शुक्ला का जिन्होंने जायरा की कहानी सुनते ही इसपर कुछ ‘लाज़मी’ सवाल खड़े किये थे.

जानकारी के लिए बता दें कि अब इसी  कड़ी में जुड़ते हुए मानवाधिकार संगठन मानुषी की संस्थापक और जानीमानी प्रोफेसर मधु पूर्णिमा किश्वर ने भी इसे महज़ एक तमाशा बताया है. पूर्णिमा किश्वर की माने तो ये महज़ एक तमाशा है क्योंकि ऐसा मुमकिन ही नहीं है कि एक इंसान फ्लाइट में अपने पैर से आपको छेड़ता रहे और आपको इसकी भनक भी नहीं लगे. इस मुद्दे पर ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा है कि, “यह मामला बहुत ही गड़बड़ लगता है. हवाई जहाज में किसी महिला की सीट के पीछे बैठा आदमी कैसे अपने पैरों से उस महिला की पीठ रगड़ सकता है? इतना ही नहीं कोई पेशेवर कलाबाज भी अपने पैरों से इस प्रकार की हरकत नहीं कर सकता और वो भी बिना किसी के नोटिस किए. क्यों उन्होंने एयरहॉस्ट्रेस को नहीं बुलाया या उस सीट से उठ क्यों नहीं गईं और उस व्यक्ति से क्यों नहीं कहा तमीज में रहने के लिए? तमाशा केवल लैंडिंग के बाद हुआ.”

इतना सब जानने और समझने के बाद अब आप खुद इस बात का फैसला कीजिये कि आपको आमिर खान, जो जायरा को एक फिल्म में कास्ट कर लिया है और दूसरी फिल्म में ब्रेक दे डाला है, और खुद जायरा वसीम जिन्होंने एक शरीफ इंसान की ज़िन्दगी में भूचाल ला दिया है उनकी फिल्में आप देखेंगें या उन्हें बॉयकोट करेंगें.