तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं को आज़ादी दिलाने के लिए मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद केंद्र सरकार ने तीन तलाक पर बैन लगाने के लिए लोकसभा में बिल पेश किया. यह बिल लोकसभा से पास हो चुका है. माना जा रहा है कि इसको लेकर राज्यसभा में भी कोई खास दिक्कत नही आएगी. इस बिल के मुताबिक अब मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक के नाम पर प्रताड़ित करने वाले लोगों को कोर्ट से तीन साल तक की जेल का प्रावधान होगा. ऐसे में मोदी सरकार के इस कदम को ऐतिहासिक बताया जा रहा है और हर तरफ से बधाई दी जा रही है.

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बिल के पास होने पर कई मुस्लिम महिलाओं को जश्न मानते हुए भी देखा गया. जिसपर बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने ट्विटर पर लिखा कि “तलाक बैन होने पर जो महिलाएं बुर्का पहनकर जश्न मना रही हैं, उन्हें वो बुर्का भी उतारकर फेक देना चाहिए क्योंकि उनके लिए ये तीन तलाक से भी ज्यादा घृणा करने वाला है.”

इस ट्वीट के बाद तसलीमा नसरीन को कुछ लोगों से विरोध भी झेलना पड़ा तो वहीं कुछ लोगों ने उनका समर्थन भी किया. वैसे कुछ लोग इस बिल को इस्लाम के नियम-कानून के खिलाफ बता रहे हैं. उन्हें लगता है कि ये शरिया के कानून में दखलंदाजी है. तसलीमा के इस ट्वीट पर कुछ लोगों ने अपने रिप्लाई दिए, उनमें उन्होंने गाली का भी प्रयोग किया है.

तसलीमा के इस ट्वीट पर कुछ लोगों ने सकारात्मक विचार रखे और महिलाओं की आज़ादी के हक़ में आवाज उठाई.

तसलीमा नसरीन- एक उदारवादी लेखिका

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55 साल की तसलीमा नसरीन के साथ अक्सर देखा गया है कि वो इस्लाम में मौजूद कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाती रहती हैं और महिलाओं की बेहतरी के लिए अपनी बात रखती हैं. इन्हीं सब वजहों से 1994 में उन्हें बांग्लादेश के कट्टरपंथियों का विरोध झेलना पड़ा, विरोध भी ऐसा कि उन्हें अपना देश छोड़ना पड़ा. भारत की धर्मनिरपेक्षता को देखते हुए उन्होंने भारत सरकार से भारत में रहने के लिए निवेदन किया. इतना ही नही वो भारत की स्थायी नागरिकता चाहती हैं लेकिन अभी उसपर कोई फैसला नही आया है. फ़िलहाल बीबीसी के मुताबिक वो स्वीडन की नागरिक हैं और 2004 से वीज़ा पर भारत में रह रहीं हैं.