ऑल इंडिया मजलिस ए इतेहादुल मुसलिमीन(AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बारे में कहा जा रहा है कि उन्होंने एक बार फिर अपनी जहरीली जुबान का इस्तेमाल समाज को बाँटने के लिए किया है. इस बार उन्होंने मुस्लिमों को भड़काने के लिए कुछ ऐसा बोल दिया है, जो समाज में हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच दरार डालने का काम करेगी. बता दें कि ओवैसी, पद्मावत फिल्म के मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कुछ ऐसा बोल गये, जो विवादित है. मुसलमानों के मसीहा बनने वाले ओवैसी ने राजपुतों पर भी अपनी राय रखी.

जनसत्ता की खबर के मुताबिक ओवैसी ने मुस्लिम समुदाय को ललकारते हुए कहा कि “अगर अपनी संस्कृति बचानी है तो राजपूतों से सीख लेनी चाहिए, कि कैसे वो अपनी संस्कृति को बचाने के लिए विरोध कर रहे हैं और डटे हुए हैं.” उन्होंने कहा कि “इस विरोध में राजपूतों की संख्या महज 4 फीसदी ही है लेकिन उसके बाद भी वो अपनी बात सख्त तरीके से रख रहे हैं. इसलिए हमें इनसे सीख लेनी चाहिए.” ओवैसी ने राजपूतों द्वारा दीपिका पादुकोण और संजय लीला भंसाली को दी गयी धमकी का भी जिक्र करते हुए कहा कि “महज 4 फीसदी राजपूत इस फिल्म के खिलाफ उठ खड़े हुए और अपनी आवाज सही तरीके से सभी जगह पहुंचा दी, मगर हमलोग असहाय बने हुए हैं.”

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बता दें कि सोशल मीडिया पर ओवैसी के बारे में कहा जा रहा है कि ‘वो अपनी राजनीति चमकाने के चक्कर में अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं और मुस्लिमों को भड़काकर माहौल ख़राब करना चाहते हैं. क्योंकि वो अच्छे से समझते हैं कि अगर माहौल शांत रहा तो उन्हें कोई पूछेगा तक नहीं इसलिए ऐसा कुछ कहना ही होगा जिससे मुस्लिम समुदाय के कट्टर सोच के युवा उनसे जुड़ें और उन्हें समर्थन करें.