26 जनवरी को जहां पूरा देश अपना 69वां गणतंत्र दिवस मना रहा था वहीं लन्दन में भारत माता की जय और मोदी-मोदी के नारों से पाकिस्तानियों के दन्त खट्टे हो रहे थे. दरअसल, मामला कुछ यूं था कि भारतीय गणतंत्र दिवस के मौके पर हाउस ऑफ लॉर्ड्स के मेंबर और पाकिस्तानी मूल के नजीर अहमद कुछ लोगों के साथ इंडियन हाई कमीशन के बाहर कश्मीर की आजादी और खालिस्तान की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. जब इस बात की खबर स्थानीय भारतीयों और ब्रिटिश ग्रुप्स को लगी तो वो भी वहां पहुंच गए और नजीर के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. इस नारेबाजी में भारत माता की जय और मोदी-मोदी के नारे भी शामिल थे.

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जब वन्दे मातरम सुनकर भाग खड़े हुए पाकिस्तानी

दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक जब इंडियन हाई कमीशन के सामने प्रदर्शन हो रहे थे तो इस खबर को सुनकर वहां काफी संख्या में भारतीय भी जमा होने लगे. भारतीयों ने नजीर अहमद और प्रदर्शनकारियों के सामने ही भारत माता की जय और मोदी-मोदी के नारे लगाए. नारों के साथ जोश को देखते ही प्रदर्शनकारी वहां से भाग खड़े हुए. इस दौरान नजीर अहमद के खिलाफ भी नारेबाजी हुई और वन्दे मातरम के नारे लगाये गये. इतना सब सुनते ही पाकिस्तानियों की हिम्मत नहीं हुई कि वहां और देर खड़े हो सकें.

नजीर अहमद

कौन है नजीर अहमद

पाकिस्तानी मूल के नजीर अहमद यहूदी विरोधी छवि के माने जाते हैं और इसको देखते हुए भारतीय उच्चायोग ने इस प्रदर्शन को ‘एक बदनाम नेता की बेसब्र कोशिश’ करार बताया. लंदन में नजीर की छवि कुछ ऐसी है कि उन्हें यहूदी विरोधी विवाद की वजह से 2013 में लेबर पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया था.

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