यूपी में लोकसभा की 2 सीटों पर 11 मार्च को चुनाव हुए थे जिसके नतीजे 14 मार्च को आए. जिसमें भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है और सपा और बसपा के गठबन्धन को जीत मिली है. हालाँकि भाजपा को हार का सामना भले ही करना पड़ा हो लेकिन यहां देखने वाली बात ये भी है कि सपा और बसपा दोनों ही उत्तर प्रदेश कि राज्य स्तर की पार्टियाँ हैं और जातिगत राजनीति करने के लिए इन्हें जाना जाता है. ऐसे में दोनों के गठबंधन से यादवों और दलितों का वोट भी एक साथ पड़ा जिससे चुनाव परिणाम में इन्हें जीत मिली. फ़िलहाल चुनाव में हार-जीत का खेल तो चलता रहता है लेकिन इस उपचुनाव के लिए सपा और बसपा ने जिस वजह से गठबंधन किया था, उसमें बसपा को नुकसान उठाना पड़ सकता है.

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दरअसल इस उपचुनाव में सपा को दो सांसद तो मिल जायेंगे लेकिन मायावती को क्या मिलेगा, ये सोचनीय विषय है. क्योंकि मायावती को लगा था कि सपा से गठबंधन करके वो अपना एक मेम्बर राज्यसभा भेज सकेंगी. लेकिन नरेश अग्रवाल के भाजपा में जाने के बाद उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि “मेरा बेटा नितिन अग्रवाल हरदोई से विधायक है और राज्यसभा चुनावों में हम बीजेपी का समर्थन करेंगे.” अगर ऐसा होता है तो ये तय हैं कि मायावती के सपने को पलीता लग जायेगा.

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बता दें कि उत्तर प्रदेश से एक राज्यसभा सांसद के लिए औसतन 37 वोटों की जरूरत होती है, ऐसे में बसपा ने उम्मीद लगा रखी थी कि वो सपा, कांग्रेस और RLD की मदद से अपना एक सांसद राज्यसभा भेज सकेगी. लेकिन अब भाजपा की तरफ से खेले गये इस मास्टर प्लान से मायावती के सपनों पर पानी फिरता नजर आ रहा है.

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दरअसल अगर वोटों के खेल पर नजर डालें तो पता चलता है कि सपा के पास 47 वोट हैं, जिसमें 37 वोट वो जया बच्चन के लिए इस्तेमाल करेगी, अब उसके बाद रह गये 10 वोट. अब मायावती को उम्मीद थी कि सपा के 10 और खुद 19, कांग्रेस के 7 और RLD के 1 वोट की मदद से वो खुद या उनकी पार्टी द्वारा घोषित एक कैंडिडेट को राज्यसभा भेज सकेगीं लेकिन अब नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल के भाजपा में जाने से वोटों की संख्या 37 की जगह 36 ही रह जाएगी. ऐसे में मायावती की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है.

अब सोचनीय विषय ये है कि बसपा ने सपा से गठबंधन करके सपा का फायदा तो कर दिया लेकिन बदले में उसे जो उम्मीद थी अब वो शायद ना मिल सके. सीधे शब्दों में ये भी कह सकते हैं कि सपा ने इस गठबंधन से खुद का तो फायदा किया लेकिन बसपा को क्या मिला ?