देश की रक्षा में लगे जवानों के शहीद होने की ख़बरें जब-जब आती हैं तब-तब पूरा देश सदमे में डूब जाता है, देश की जनता सेना के जवानों के प्रति काफी संवेदनशील है लेकिन अगर राजनीतिक पार्टियों की बात करेंगे तो यही संवेदना गायब हो जाती है. खासकर जब आप कांग्रेस की बात करें. 13 मार्च को छत्तीसगढ़ के सुकमा में शहीद हुए 9 जवानों पर जहां एक तरफ देश ग़मगीन था तो वहीं कांग्रेस अपनी खोयी हुई राजनीति को पाने के लिए कुछ ऐसा करती देखी गयी जो बेहद ही शर्मसार करने वाला था.

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NDTV की वेबसाइट के अनुसार 13 मार्च को कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष रहीं सोनिया गांधी अपनी राजनीति चमकाने के लिए डिनर पार्टी करती हुई दिखाई दी जबकि उसी दिन सुकमा में नक्सली हमले में 9 जवानों के शहीद होने की खबर आई थी. इसके बाद भी सोनिया गांधी को जवानों की शहादत से कोई फर्क नहीं पड़ा और वो 20 विपक्षी दलों को डिनर पार्टी में बुलाती हैं और 2019 के चुनावों के लिए रणनीति पर बात करती हैं. इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर काफी रोष देखने को मिल रहा है.

राम अवतार लिखते हैं कि “राहुल गांधी और सोनिया गांधी को इस देश के जवानों से कोई मतलब नहीं, तभी तो हमारे जवान शहीद हुए हैं और ये डिनर पार्टी कर रही हैं.”

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वैसे सही भी है कि क्या राजनीति चमकाने का यही सबसे अच्छा मौका था ? देश के जवानों की शहादत पर इसी तरीके से संवेदनहीनता दिखाना कितना सही है? जवाब आपको देना है, क्योंकि ऐसी राजनीति से देश का भला कतई नही होने वाला, जवान सरहदों पर, नक्सलियों के हमले में अपनी जान गंवाते रहेंगे लेकिन और कांग्रेस जैसी पार्टी अपनी राजनीति चमकाने में व्यस्त रहेंगी.