उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव नजदीक है ऐसे में NDA के सहयोगी दलों की नाराजगी देखकर विरोधी दल काफी खुश दिखाई दे रहे थे लेकिन बीजेपी प्रमुख अमित शाह ने एक झटके में विरोधी दलों की इस ख़ुशी को सदमे में बदल दिया. दरअसल उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है, और ऐसे में बीजेपी के सहयोगी दलों की नाराजगी होने की ख़बरों से बीजेपी को थोड़ी बहुत परेशानी हो सकती थी और इसको लेकर बीजेपी के विरोधी दल खूब खुश दिखाई दे रहे थे.

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अमित शाह ने दिखाई अपनी चाणक्य नीति

फ़िलहाल उनकी ये ख़ुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक पाई और राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने पलक झपकते ही विरोधी दलों की खुशियों को तार-तार कर दिया. आजतक की खबर के मुताबिक पहले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर की नाराजगी और उसके बाद अपना दल की अनुप्रिया पटेल की नाराजगी को अमित शाह ने बहुत ही गंभीरता से संभाला और मामले को हल कर दिया.

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नाराजगी हुई दूर

खबर के मुताबिक योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर बीजेपी से नाराज चल रहे थे जिसको लेकर वो अमित शाह से मिलने के लिए दिल्ली गये हुए थे. इस मुलाकात में अमित शाह ने उनकी नाराजगी दूर करके ही उन्हें वापस यूपी भेजा. अब राजभर की नाराजगी दूर हो गयी है और उन्होंने कहा है कि राज्यसभा चुनाव में वो बीजेपी को ही समर्थन करेंगे.

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अपना दल की अनुप्रिया पटेल जब मिली अमित शाह से…

OP राजभर की नाराजगी के बाद खबर आई थी कि अपना दल की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल भी बीजेपी से नाराज चल रही हैं, लेकिन जब उनकी और अमित शाह की मुलाकात हुई तो सारी नाराजगी दूर हो गयी. इस मुलाकात में अमित शाह ने अनुप्रिया पटेल को भरोसा दिलाया कि उनके विधायकों की जो भी शिकायते हैं वो दूर की जायेंगी.

अनुप्रिया पटेल

अब विरोधियों की बोलती बंद है

अब जो विरोधी दल बीजेपी और उसके सहयोगी दलों की नाराजगी पर चुटकी ले रहे थे अब वो खामोश हैं. अब ये साफ़ हो चुका है कि बीजेपी के सहयोगी दल राज्यसभा चुनाव में बीजेपी को समर्थन करेंगे. ऐसे में विरोधियों की बोलती बंद है.