राम मंदिर मामला सुप्रीम कोर्ट के अधीन है, लेकिन इसको लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने पहले ही कह दिया है कि राम मंदिर का मामला कोर्ट के बाहर सुलझे तो समाज के लिए बेहतर है. वैसे राम मंदिर का मामला कई सालों से लटका हुआ है, पिछली सरकार ने जिस तरीके से इस मुद्दे पर उदासीनता दिखाई, उसको देखते हुए इस मामले में कुछ खास तरक्की नहीं हो सकी. चूँकि अब देश में मोदी सरकार है तो उम्मीद की जा रही है कि राम मंदिर का निर्माण जल्द ही संवैधानिक तरीके से होगा. इस मामले में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का ताजा बयान आया है जिसमें उन्होंने राम मंदिर को लेकर अपनी सोच फिर से स्पष्ट की है.

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अमर उजाला के मुताबिक मध्य प्रदेश में छतरपुर के मऊसहानिया में आयोजित कार्यक्रम में महाराजा छत्रसाल की प्रतिमा का अनावरण करने के लिए पहुंचे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अध्यक्ष मोहन भागवत ने राम मंदिर के बारे में कहा कि “राम मंदिर बनाना हमारी इच्छा ही नहीं बल्कि इसको लेकर हमारा एक संकल्प है और हम इस संकल्प को पूरा करेंगे.” उन्होंने ये भी कहा कि “मौजूदा जो हालात हैं वो इस लक्ष्य को पाने के लिए बेहद ही अनुकूल हैं.”

राम मंदिर मामले में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने भी एक जोरदार पहल की है. इस पहल में उन्हें काफी समर्थन भी मिल रहा है. वो तमाम हिन्दू धर्मगुरु और मुस्लिम धर्गुरुओं से राम मंदिर मामले पर चर्चा कर रहे हैं और उनकी कोशिश यही है कि इस मामले को बातचीत के जरिये सुलझा लिया जाय, जिससे राम मंदिर का निर्माण हो सके.

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श्री श्री इसके पहले वाराणसी में संत समागम में भाग लेने के लिए पहुंचे हुए थे, जहां पर उन्होंने कहा कि “राम मंदिर को लेकर चल रही पहल सही दिशा में चल रही है और नतीजा आशाजनक आएगा.” इसके पहले उन्होंने 26 फरवरी को कानपुर में अयोध्या विवाद मामले में कहा था कि “जिस चीज का हम बीड़ा उठाते हैं, उस चीज में हमें सफलता जरूर मिलती है.”