23 मार्च को यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं, ऐसे में 8 सीटें तो भाजपा की झोली में जानी पक्की है. वैसे बता दें कि इन 10 सीटों के लिए बीजेपी ने 9 उम्मीदवार उतारे हैं. इस चुनाव के लिए सभी पार्टियाँ अपने विधायकों और सहयोगी दलों के साथ मीटिंग्स कर रही हैं. 21 मार्च को लखनऊ में CM योगी ने भी अपने विधायकों के साथ मीटिंग कर वोट डालने की प्रक्रिया को समझाया. इस दौरान यूपी के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पाण्डेय, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, सुनील बंसल और ओम प्रकाश राजभर मौजूद रहे. यहीं नहीं इस मीटिंग में एक शख्स ऐसा भी था जो इस मीटिंग में शामिल तो हुआ लेकिन उसके शामिल होने की खबर अखिलेश यादव को बेचैन कर सकती है.

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जनसत्ता के मुताबिक मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस मीटिंग में बीजेपी और उनके सहयोगी दलों के नेता एकसाथ एक मंच पर बैठे दिखाई दिए. ओम प्रकाश राजभर जो कुछ दिन पहले बीजेपी से थोड़े नाराज चल रहे थे वो भी इस मीटिंग में काफी खुश दिखाई दिए. वहीं दिग्गज नेताओं ने सभी विधायकों को वोट के लिए प्रेरित किया.

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सपा और बसपा के गठजोड़ को झटका

नरेश अग्रवाल जो कुछ दिन पहले सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं, उनके बेटे नितिन अग्रवाल भी इस मीटिंग में दिखाई दिए. नितिन अग्रवाल अपना वोट भाजपा कैंडिडेट को देंगे, ऐसे में सपा और बसपा के गठजोड़ को झटका लग सकता है.

सपा के लिए मुश्किलें

बता दें कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का गठजोड़ एक दूसरे को मदद करने के आधार पर हुआ था. बसपा ने उपचुनावों में सपा को मदद करके अपना काम कर दिया है लेकिन अब सपा के सामने सवाल है कि आखिर बसपा के राज्यसभा उम्मीदवार को राज्यसभा कैसे पहुंचाया जाय.

अखिलेश यादव की बेचैनी

अब इसमें पेंच ये है कि नितिन अग्रवाल हरदोई से सपा के विधायक हैं, लेकिन वोट भाजपा के लिए करेंगे. जिससे बसपा के लिए जो गणित तैयार था वो गड़बड़ा गया है. जाहिर सी बात है कि नितिन अग्रवाल को भाजपा की मीटिंग में देखकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की बैचैनी बढ़नी तय है.

नाराज OP राजभर ने बताया वोट देने का खास तरीका

मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्टी विधायकों से बातचीत की तो वहीं राजभर ने मौजूद विधायकों को एक खास सलाह दी. ओम प्रकाश राजभर ने विधायकों से कहा कि “वो वोट डालते समय 1 या 2 लिखने के चक्कर में ना पड़ें, जिन्हें 1 लिखने में दिक्कत हो वो एक खड़ी पाई ही खींच दें.”

कुछ दिन पहले नाराज नेताओं को अमित शाह ने मनाया..

अभी कुछ दिन पहले बीजेपी से उसके सहयोगी दलों के नेता जैसे अनुप्रिया पटेल और OP राजभर नाराज चल रहे थे जिसको लेकर विरोधी खेमे में काफी ख़ुशी थी. फ़िलहाल उनकी ये ख़ुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक पाई और राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने पलक झपकते ही विरोधी दलों की खुशियों को तार-तार कर दिया.

आजतक की खबर के मुताबिक पहले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर की नाराजगी और उसके बाद अपना दल की अनुप्रिया पटेल की नाराजगी को अमित शाह ने बहुत ही गंभीरता से संभाला और मामले को हल कर दिया.

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नाराजगी हुई दूर

खबर के मुताबिक योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर बीजेपी से नाराज चल रहे थे जिसको लेकर वो अमित शाह से मिलने के लिए दिल्ली गये हुए थे. इस मुलाकात में अमित शाह ने उनकी नाराजगी दूर करके ही उन्हें वापस यूपी भेजा. अब राजभर की नाराजगी दूर हो गयी है और उन्होंने कहा है कि राज्यसभा चुनाव में वो बीजेपी को ही समर्थन करेंगे.

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अपना दल की अनुप्रिया पटेल जब मिली अमित शाह से…

OP राजभर की नाराजगी के बाद खबर आई थी कि अपना दल की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल भी बीजेपी से नाराज चल रही हैं, लेकिन जब उनकी और अमित शाह की मुलाकात हुई तो सारी नाराजगी दूर हो गयी. इस मुलाकात में अमित शाह ने अनुप्रिया पटेल को भरोसा दिलाया कि उनके विधायकों की जो भी शिकायते हैं वो दूर की जायेंगी.

अनुप्रिया पटेल

अब विरोधियों की बोलती बंद है

अब जो विरोधी दल बीजेपी और उसके सहयोगी दलों की नाराजगी पर चुटकी ले रहे थे अब वो खामोश हैं. अब ये साफ़ हो चुका है कि बीजेपी के सहयोगी दल राज्यसभा चुनाव में बीजेपी को समर्थन करेंगे. ऐसे में विरोधियों की बोलती बंद है.