उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव का हाल ऐसा रहा कि सपा ने अपने उम्मीदवार को राज्यसभा पहुंचा तो दिया लेकिन गठबंधन के आधार पर बसपा को राज्यसभा की चौखट तक नही पहुंचा पाई. इसके पहले जब ये गठबंधन बना था तब बसपा ने सपा को लोकसभा उपचुनाव में मदद की थी और नतीजा ये रहा था कि सपा के दो सांसद फूलपुर और गोरखपुर से जीते थे लेकिन यह गठबंधन राज्यसभा चुनाव में कुछ खास करामात नहीं दिखा पाया. फ़िलहाल उपचुनावों में किसी पार्टी को सपोर्ट करने पर मायावती ने बड़ा फैसला लेते हुए जो ऐलान किया है वो समाजवादी पार्टी को झटका देने वाला है.

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न्यूज़18 के मुताबिक सपा-बसपा गठबंधन को लेकर एक खबर सामने आई है जिसमें कहा जा रहा है कि अब मायावती किसी भी पार्टी को आने वाले उपचुनावों में मदद नहीं करेंगी. बता दें कि आने वाले समय में यूपी में दो सीटों पर उपचुनाव होने हैं.

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जिनमें कैराना की लोकसभा सीट और नूरपुर की विधानसभा सीट शामिल है. इस बीच मायावती के इस बयान के बाद कयास लगाये जा रहे हैं कि इस उपचुनाव में बसपा अब किसी के साथ चुनाव नहीं लड़ेगी.

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26 मार्च की शाम को एक प्रेस रिलीज में मायावती की तरफ से कहा गया कि बीएसपी अब किसी उपचुनाव में किसी भी दल को मदद नहीं करेगी. ऐसे में अगर सपा ये सोच रही हो कि कैराना के लोकसभा उपचुनाव और नूरपुर विधानसभा के उपचुनाव में बसपा सपा की मदद करेगी तो अब उन उम्मीदों को भी झटका लग सकता है.