चीन के अड़ियल रवैये के चलते भारत और चीन के बीच अक्सर तनातनी बनी रहती है, भारत की बढ़ती शक्ति को देखकर चीन के माथे पर बल पड़ गए हैं. इसी वजह से वो आए दिन भारत की सीमा पर अतिक्रमण करने की कोशिश करता रहता है. जहाँ एक ओर भारत की सिक्किम से लगी सीमा पर चीन मनमानी करने की कोशिश करता है वहीं दूसरी ओर हिंद महासागर में भी चीन अपनी नौसेना की मौजूदगी बढ़ाने में लगा हुआ है, लेकिन अब वक्त बदल चुका है और चीन की किसी भी हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत अब हमेशा खड़ा रहता है.

 

इसी बीच पत्रिका के अनुसार चीन को एक बार फिर से चीन की गन्दी करतूतों पर लगाम लगाने के लिए आज 28 मार्च को हमारे देश की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जापान दौरे पर जा रही हैं.  इस दौरे के दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज 29 मार्च को जापानी वीदेश मंत्री तारो कानों से भी मिलेंगी, जिसमें वे 9 वीं भारत और जापान रणनीतिक वार्ता की सह-अध्यक्षता को अंजाम देंगी.

इतना ही नहीं आपको बता दें कि इस मुलाक़ात के दौरान भारत और जापान द्वपक्षीय संबंधों के सभी तरह के पहलुओं की समीक्षा करेंगे और इसके साथ ही जितने भी समान हित वाले क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दे हैं उनपर मुख्य विचार विमर्श किये जायेंगे.

क्योंकि ऐसा माना जाता है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर चीन को रोकने के लिए जापान का साथ भारत के लिए काफी ज्यादा महत्व रखता है. आपको शायद मालूम न हो कि भारत से चीन की दुश्मनी की तरह ही जापान की भी चीन से दुश्मनी है इसी वजह से यह भी एक बहुत बड़ी वजह है कि दोनों देश यानी कि भारत और जापान एक साथ आ जाएँ.