वीडियो: यूपी में जो हुआ, उसे देखकर बीजेपी ही नहीं आप भी बहुत खुश होंगे !

2014 में उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट से हुकुम सिंह भाजपा सांसद बने थे, लेकिन दुर्भाग्यवश वो अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए और फरवरी 2018 में उनका निधन हो गया था. उनकी मृत्यु के बाद कैराना लोकसभा सीट खाली हो गयी. ठीक ऐसा ही कुछ यूपी की एक विधानसभा सीट पर भी हुआ था. यूपी के बिजनौर जिले की नूरपुर विधानसभा सीट से 2017 में जीते भाजपा विधायक लोकेंद्र सिंह की सड़क हादसे में मौत हो गयी थी, जिसके बाद से नूरपुर विधानसभा सीट खाली हो गयी थी. अब इन दोनों सीटों पर 28 मई को उपचुनाव हो रहे हैं.

मोदी सरकार के चार साल पूरे हो चुके हैं और ऐसे में अब आने वाले समय में बीजेपी की तरफ से अपने अधूरे काम पूरे करने का प्लान होगा (Photo Source)

कौन हैं मृगांका सिंह

कैराना लोकसभा सीट पर भाजपा की तरफ से हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह चुनाव लड़ रही हैं, जिन्हें जनता का भरपूर प्यार मिल रहा है. वहीं उनके खिलाफ राष्ट्रीय लोक दल (RLD) की तरफ तबस्सुम हसन प्रत्याशी हैं, जिन्हें सपा, कांग्रेस, बसपा और आम आदमी पार्टी के साथ-साथ अन्य दलों का समर्थन मिला हुआ है.

अमरोहा में रीति-रिवाज के साथ हवन करते मुस्लिम कार्यकर्ता

मुस्लिम कार्यकर्ताओं ने हवन करके

इन दोनों प्रत्याशियों के बीच अच्छी टक्कर देखने को मिल रही है. फ़िलहाल भाजपा को उम्मीद है कि इन दोनों सीटों पर उसके ही प्रत्याशी को जीत मिलेगी. इस बीच एक खबर बीजेपी के मुस्लिम कार्यकर्ताओं को लेकर आई है जिससे फतवे जारी करने वाले मुस्लिम धर्मगुरुओं को मिर्ची लगेगी. दरअसल न्यूज़18 के मुताबिक कैराना और नूरपुर में भाजपा की जीत के लिए बीजेपी मुस्लिम कार्यकर्ताओं ने हवन करके जीत के लिए कामना की.

इस हवन में बीजेपी के स्थानीय मुस्लिम कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और मोदी और योगी के बढ़िया स्वास्थ्य की कामना की (Photo Source)

बकायदा हिन्दू रीति-रिवाज से..

बता दें कि मोदी सरकार के चार साल पूरे होने पर यूपी के अमरोहा में भाजपा के मुस्लिम कार्यकर्ताओं ने हिन्दू रीति-रिवाज से हवन किया और उपचुनाव में भाजपा की जीत और 2019 में मोदी की जीत के लिए प्रार्थना की. इन लोगों ने ईश्वर से कामना की कि, अगली बार भी मोदी सरकार बने जिससे जो अधूरे काम हों, वो पूरे किये जा सकें.

रमजान के पवित्र महीने में हवन करके मुस्लिम युवकों ने..

बता दें कि अगर धर्म के अनुसार बात करें तो मुस्लिम धर्म में हवन करने की बात कहीं नहीं है. इसलिए इन मुस्लिम कार्यकर्ताओं ने जो किया वो अपने आप में एक हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल है, लेकिन कुछ कट्टरपंथी मुस्लिम धर्मगुरुओं को ये बातें बुरी लग सकती हैं और वो फतवे भी जारी कर सकते हैं. फ़िलहाल रमजान के पवित्र महीने में हवन करके मुस्लिम युवकों ने जो भाईचारे का सन्देश दिया है, उसकी चर्चा खूब हो रही है.

 

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