साल 1998 में जब अटल जी ने किया था वो काम जिससे अमेरिका से लेकर पाकिस्तान तक सब हैरान रह गए थे

साल 1998 में जब बीजेपी सरकार थी उस वक्त कुछ ऐसा हुआ था जिसने सबको हैरान किया था,वो दिन एक आम दिन की तरह ही शुरू हुआ था लेकिन जब अचानक खबर मिली कि भारत ने राजस्थान के पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण किया है अचानक पूरे विश्वभर में भारत का नाम छा गया. बीजेपी सरकार के इस बेहतरीन कदम से अमेरिका से लेकर चीन तक सब हैरान थे. 

 

नहीं लगी थी किसी को इस मिशन की खबर ! 

अटल जी की अगुवाई में यह मिशन इतने बेहतरीन तरीके से हुए था कि अमेरिका तो क्या भरत तक में किसी को इसकी खबर भी नहीं लगी थी, ज्ञात हो उस समय भारत पर अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA ने दो सैटलाइट से नज़र बनाई हुई थी लेकिन अटल जी का प्लान ऐसा था जिसने अमेरिकी सैटलाइटों  को भी चकमा दे दिया. इतना ही नहीं बताया जाता है कि इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाले सभी लोग एक दुसरे को कोड वर्ड्स में बुलाते थे और कई बार तो ऐसे हालत हो जाते थे जब वैज्ञानिक अपने असली नाम भूल जाते थे.

ऐसे गये थे सब लोग परीक्षण स्थान पर ! 

हर पल पहरा दे रही अमेरिकी सैटलाइटों  को धोखा देने के लिए सभी वैज्ञानिक सेना की तरह वर्दी पहनकर गये थे, ख़ास बात यह थी कि इनमें मिसाइल मैन अब्दुल कलाम भी शामिल थे. बाद में इन सभी की कुछ तस्वीरें भी सामने आई थीं जिसमें सब लोग सेना की वर्दी में दिखे थे. जैसी ही परमाणु का सफल परीक्षण हुआ था अमेरिका और पाकिस्तान पूरी तरह से हैरान रह गये थे.  कुछ खबरों के अनुसार डॉक्टर कलाम कभी भी साईट पर किसी के साथ नहीं जाते थे, उनपर किसी को शक ना हो इसलिए वो हमेशा एक आम नागरिक की तरह ही जाते थे. इस मिशन के अंत में इसका नाम ऑपरेशन शक्ति किया गया था.

source ( सेना की वर्दी में वैज्ञानिक )

 

ये थे कोडवर्ड्स और ऐसे लाया गया था परमाणु बम ! 

जानकारी के अनुसार वाइट हाउस, ताजमहल जैसे कोड वर्ड्स थे और इतना ही नहीं इस ऑपरेशन के दौरान दिल्ली ऑफिस में एक-दुसरे से ये पूछा जाताथा कि क्या स्टोर ( बम ) आ गया है ? बम को लाने के लिए सुबह 3 बजे का वक्त चुना गया था जब सब सो रहे थे, तब इंडियन आर्मी के दो ट्रक बम को लेकर साईट पर आये थे. इससे पहले बम को प्लेन के जरिये जैसलमेर पहुँचाया गया था.

 

ऐसे हुआ था परीक्षण ! 

बम के आने के बाद, इंसानों की बस्ती से करीब 110 किलोमीटर दूर पोखरण में कई किलोमीटर गहरे कूएं खोद दिए गये थे. इन्हीं में होते हुए बम्ब को सही जगह पहुँचाया गया था और विस्फोट हुए…. इसका धूएँ से पूरे आसमान से काले गोल बादल छा गये थे और सभी की निघनाए इसपर टिक गयी थीं. इसी के साथ 5 परमाणु टेस्ट करने के बाद भारत दुनिया का पहला ऐसा देश बन चुकता जिसने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं किये थे.  

 

साईट का एक द्रश्य

अटल जी ने किया था ये एलान…! 

इस टेस्ट के बाद उस समय के प्रधानमंत्री अटल जी ने एलान किया कि आज पोखरण में 3 बजकर ४५ मिनट पर अंडरग्राउंड न्यूक्लियर टेस्ट किया है. यह टेस्ट सफल रहा है. उन्होंने यह भी कहा था कि हम परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे, खासकर जिन देशों के पास परमाणु हथियार नहीं हैं उनके सामने हम कभी इनका इस्तेमाल नहीं करेंगे. 

परीक्षण के बाद कलाम ने इंटरव्यू में कही थी ये बात ! 

इस सफल परीक्षण के बाद हुए एक इंटरव्यू में मिसाइल मैन अब्दुल कलाम ने बताया था कि उन दिनों भारत पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर से बहुत दबाव था और ऐसे में भी अटल जी ने परीक्षण करने की ठानी जिसके बाद भारत के परमाणु ताकत बन गया.

10 मई को पीएम मोदी ने पोखरण परीक्षण को लेकर दिया है ये बयान ! 

पीएम मोदी ने कहा “हम पोखरण में वर्ष 1998 में साहस दिखाने के लिए अपने वैज्ञानिकों और राजनीतिक नेतृत्व के आभारी हैं. इसके बाद आगे पीएम मोदी बोले …दुनिया पोखरण (परमाणु) परीक्षणों के बारे में अच्छे से  जानती है. अटल जी के नेतृत्व में सफल परीक्षण किए गए और पूरी दुनिया ने भारत की ताकत देखी. वैज्ञानिकों ने देश को गौरवान्वित किया. अगर हमारा प्रधानमंत्री कमजोर होता, तो वह उस दिन भयभीत होता. लेकिन अटल जी वैसे नहीं हैं. वह भयभीत नहीं हुए.” आगे पीएम मोदी ने कहा, “पोखरण के लोगों की भी प्रशंसा की जानी चाहिए जिन्होंने परीक्षणों की योजना बनाने और उनका संचालन किए जाने की पूरी अवधि के दौरान शांति कायम रखी. उन्होंने अन्य सभी चीजों से बढ़कर देश के हित को महत्व दिया” 

देख लें वो लोग जो कहते हैं बीजेपी काम नहीं करती है, जितनी बार सत्ता में बीजेपी आई है दुश्मों का हाल बेहाल हुआ है. पीएम मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक की है तो अटल जी ने सफल परमाणु परीक्षण.  

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