आख़िरकार सामने आ ही गयी वो बड़ी वजह जिसके चलते काटी जा रही है महिलाओं की चोटी, आप भी हो जाइये सावधान

बीते कई दिनों से देश के कई कोनों से एक खबर आ रही थी जिसने देश की जनता को परेशान कर रखा था. खबर थी महिलाओं की चोटी अपने अप कट जाने की. अबतक जितने मामले सामने आये उनमे कहा गया कि कोई आता है और महिलाओं की चोटी काट ले जाता है. इससे पहले की वो चोटी काटे वो महिलाओं को बेहोश कर देता है, और फिर बेहोशी की हालत में उनके बाल काट कर फुर्र हो जाता है. ऐसे में जब महिलाएं अपनी बेहोशी से जागती हैं तो उनके पास उनकी कटी चोटी के अलावा और कुछ नहीं रहता. इस मामले की जानकारी मिलते ही देश भर की महिलाओं में दहशत थी.

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 लेकिन अब सामने आई वो वजह जिसके चलते हो रही थी ये घटनाएं 

बीते काफी समय से चोटी काटे जाने के किस्से दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड, और अब तो हरियाणा और देश के कई हिस्सों से आ रहे थे. आये दिन रोज़ नए आते जा रहे इन किस्सों के खत्म होने की कोई गुंजाईश ही मानो ना दिख रही हो. पुलिस भी इस मामले में काफी बेबस नज़र आ रही थी.

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चोटी कटने की इन असामान्य घटनाओं से महिलाओं और लड़कियों में डर का माहौल बना हुआ था लेकिन अब चोटी कटने के इस राज से पर्दा उठ चुका है. आप भी जान लीजिये क्या है वो बड़ी वजह जिसके चलते कट रही थी महिलाओं की चोटी और समय रहते हो जाइये सावधान.

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मनोवैज्ञानिक नेहा शर्मा ने उठाया इस राज़ से पर्दा

देश भर में जंगल में लगी आग की तरह फैली इस खबर से पर्दा उठाते हुए मनोवैज्ञानिक नेहा शर्मा ने बड़ा खुलासा किया है. दरअसल मनोवैज्ञानिक डॉ. नेहा शर्मा का कहना है कि महिलाओं की चोटी कटने की घटनाओं का कारण है मास हिस्टीरिया. यानी की मास हिस्टीरिया एक ऐसी स्थिति पैदा कर देती है जिसमे अंतर्द्वंद्व के चलते व्यक्ति का मन वही क्रिया करता है जिसका प्रभाव उसके मनोमस्तिष्क पर होता है.

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हल्द्वानी स्थित मनसा मानसिक स्वास्थ्य केंद्र की मनोचिकित्सक नेहा शर्मा ने बताया कि चोटी काटे जाने की घटनाएं आजकल मीडिया में खूब प्रचारित हो रही हैं. कभी देश के किसी कोने से तो कभी कहीं और से आ रही इन ख़बरों का जल्द कोई हल निकलते नहीं दिख रहा है.

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बताया जा रहा है कि भावनात्मक रूप से कमजोर महिलाओं के मन में इन्हें लेकर अंतर्द्वंद्व चलता है. मास हिस्टीरिया की स्थिति में महिलाएं सुधबुध खो बैठती हैं और किसी भी अनजान भय से खुद अपने ही हाथों अपनी चोटी काट रही हैं.

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ऐसी समस्या दिखे तो लें मनोवैज्ञानिक की मदद 

मनोवैज्ञानिक नेहा का मानना हैं कि ऐसे मरीज मानसिक अवसाद में रहते हैं. उन्हें अवसाद की स्थिति से निकलने के लिए जल्द-से-जल्द मनौवैज्ञानिक से परामर्श लेना चाहिए. डॉ. नेहा ने आगे बताया कि हिस्टीरिया एक से दूसरे में संचारित होता है.

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स्कूलों में बच्चों के बेहोश होने का क्या है कारण?

अब सवाल उठता है कि महिलाओं का तो मास हिस्टीरिया कारण है लेकिन स्कूल में एक साथ कई बच्चों के एक साथ बेहोश होने का क्या कारण है तो, इसकी वजह है स्कूलों में एक साथ कई बच्चों का बेहोश हो जाना ये सब मास हिस्टीरिया के लक्षण है. ऐसे में मस्तिष्क की इंद्रियों से व्यक्ति का नियंत्रण कम हो जाता है और गफलत में वह उल-जुलूल हरकतें करने लग जाता है.

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सावधान रहे और अफ़वाह को बढ़ावा ना दें 

इन सब कारणों और वजहों के सामने आने के बाद हमारा आप सभी से यही अनुरोध है कि कृपया करके ऐसी अफवाहों को बढ़ावा ना दें. ऐसा हम इसलिए भी कह रहे हैं क्योंकि कई मामलों में चोटी काटने की वजह मास हिस्टीरिया सामने आई है तो कई मामलों में ये महज़ एक शरारत भी रह चुकी है.

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पुलिस ने किया दावा कि सुलझ गयी है गुत्थी

ऐसी में देश भर में फैली इस खबर के बाद अब दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि राजधानी दिल्ली में चोटी काटने के एक केस को सुलझा लिया गया है. दरअसल इस मामले में आरोपी कोई और नहीं बल्कि पीड़िता के रिश्तेदार ही निकले हैं.

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क्या है मामला ?

दरअसल दिल्ली के दक्षिणपुरी से संजय गांधी झुग्गी में शुक्रवार को 14 साल की एक लड़की ने ये दावा किया कि दोपहर को किसी ने उसकी चोटी काट ली, और उसके कटे हुए बाल उसके ही कपड़े पर ही मिले थे. हालाँकि बच्ची ने इस मामले पर साफ़ कहा था कि उसने किसी को देखा नहीं, बस कोई आया और उसकी चोटी काट डाली.

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इस मामले की पड़ताल करने वाले दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जब उन्होंने केस की जांच शुरू की तो एक के एक सारी सच्चाई सामने आती गई. दक्षिण-पूर्व दिल्ली के डीसीपी रोमिल बानिया के मुताबिक, “जब उन लोगों ने तथ्यों की जांच के लिए वहां पर एक पुलिस टीम भेजी, तो शुरुआती जांच में सामने आया कि लड़की का 10 साल का छोटा भाई और 12 साल के उसके एक भतीजे ने शरारत में लड़की चोटी काट दी थी.” बताया जा रहा है कि घटना के वक्त लड़की सो रही थी.

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इस मामले में जब पुलिस ने लड़की के घरवालों से पूछताछ की तो उन्हें इन बच्चों की बात में कुछ गड़बड़ी नजर आई. यहाँ पुलिस को पहला सुराग मिल चुका था. ऐसे में  पुलिस ने जब जोर देकर बच्चों से पूछताछ की तो सारी सच्चाई सामने आ गई.

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पुलिस के आगे सच्चाई बताते हुए बच्चों ने क़ुबूला कि उन्होंने शरारतवश अपनी बहन की चोटी काट दी थी. दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि लड़की के माता पिता ने लिखित रुप से ये बात पुलिस को बताई इसके बाद केस को बंद कर दिया गया.

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हालांकि राजधानी के दूसरे चोटी काटने के केस में पुलिस को अब तक सुराग नहीं मिल पाया है. लोग अबतक डरे हुए हैं, और तरह तरह की अंधविश्वास भरी बातें कर रहे हैं. कोई इस चोटी काटने वाली बात को भूत-प्रेत से जोड़ कर देख रहा है तो कोई इसे काला जादू समझ रहा है.

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आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि दिल्ली , हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान में चोटी काटने की लगभग 100 से ज्यादा घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इस घटना से लोग इस कदर डर चुके हैं कि लोग इसे प्रेतात्मा की करतूत बता रहे हैं.

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खुद के घर की महिलाओं और बेटियों को इस हमले से बचाने के लिए लोग अपने घर में नीम की टहनियां लगाने समेत कई टोटके कर रहे हैं. हालांकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि ज्यादातर मामले में महिलाएं खुद इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रही हैं. तो कुछ केस में ये पीड़ित महिलाओं के रिश्तेदारों का काम लगता है. हालांकि पुलिस इन केस में अबतक कोई सबूत नहीं दे सकी है..

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