योगी सरकार में बड़ा ऐलान, कांवड़ियों के रास्ते में पड़ रही शराब और मांस की दुकानों को..

भगवा रंग का वस्त्र पहने और गंगाजल लिए भगवान शिव जल चढ़ाने के लिए जब कांवड़ियों की यात्रा निकलती है तब देखते ही बनती है. हिन्दू धर्म में इस यात्रा को श्रद्धा और भाव की धार्मिक यात्रा मानी जाती है. इसको देखते हुए सावन महीने में हिन्दू धर्म को मानने वाले लोग प्याज-लहसुन, मांस और शराब का सेवन करने से परहेज करते हैं. कहते हैं कि कांवड़ियों के सामने इन चीजों का नाम भी लेने से लोग कतराते हैं लेकिन तब क्या हो जब कांवड़ियों के रास्ते में शराब और मांस की दुकान पड़ जाये. बस इसी से बचने के लिए और धर्म के लिहाज से धार्मिक स्वतंत्रता देने के लिए यूपी की योगी सरकार में एक बड़ा फैसला लिया गया है.

भगवान भोले पर जल चढ़ाने के लिए शिव भक्त हरिद्वार से कांवर में जल भरते हुए (फोटो सोर्स: The Financial Express)

रास्ते में पड़ने वाले मांस और शराब के दुकान होंगे बंद

आपको बता दें कि न्यूज़ 18 की वेबसाइट के मुताबिक योगी सरकार ने 28 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर चल रही तैयारियों में फैसला लिया है कि कांवड़ यात्रा कर रहे भक्तों के मार्गों पर पड़ने वाली मांस और शराब की दुकानों को बंद कराएगी. कहा जा रहा है कि सावन के महीने और बाबा भोले के भक्तों को धार्मिक तौर पर अपनी पूजा स्वतंत्र रूप से करने और पवित्र तरीके से करने के लिए ऐसे कदम उठाये जायेंगे.

यूपी में हो रहे विकास कार्यों को देखकर विरोधियों के होश उड़े हैं (फोटो सोर्स: Cloudfront)

पीएसी, पुलिस और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के जरिये सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम

यही नहीं कांवड़ियों के मार्गों पर LED बल्ब लगाये जायेंगे और ड्रोन से सुरक्षा की निगरानी की जाएगी. रास्तों को जियो मैपिंग से ट्रैक किया जायेगा. पीएसी, पुलिस और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के जरिये सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम होगा. कहा जा रहा है कि कांवड़ियों के लिए डीजे पर रोक नही रहेगी. मुख्यमंत्री योगी इसके पहले भी साफ़ कर चुके हैं कि, कांवड़ियों को अपनी मस्ती में जल चढ़ाने की पूरी आज़ादी होनी चाहिए.

इससे पहले CM योगी कांवड़ियों के अनुशासन की तारीफ भी कर चुके हैं. उन्होंने कहा था कि इतनी संख्या होने के बावजूद कांवड़ियों की तरफ से कोई अराजकता देखने को नहीं मिलती. वो शांति से अपनी यात्रा पूरी करते हैं.

पिछली सरकार में कांवड़ियों के लिए ढेरों ‘नियम-कानून’ बनते थे

फ़िलहाल योगी सरकार में तो कांवड़ियों का और उनकी सुखद यात्रा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है, जैसा पिछली सरकारों में देखने को नहीं मिलता था. पिछली सरकारों में तो तमाम तरह से नियम कानून बना दिए जाते थे, खासकर डीजे के लिए रोक सबसे पहले लगती थी. जबकि भाजपा की सरकार में ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है.

आपके लिए एक सवाल:

कांवड़ियों के यात्रा मार्ग से शराब और मांस की दुकानों को बंद कराने का फैसला सही है ?

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