सियाचिन में तैनात भारतीय जवानों के लिये खुशखबरी

-20 डिग्री तापमान में रह कर हमारे देश के जवान सियाचिन में तैनात रहकर बखूबी अपनी ड्यूटी करते हैं l -20 डिग्री तापमान में भी वह दुश्मनों पर नजर रख हमारे देश की रक्षा करते है l सियाचिन में ठण्ड में तापमान शून्य से -50 डिग्री तक पहुंच जाता है l कमर में रस्सी बांधकर जवान आगे बढ़ते हैं क्यों की पता नहीं कब बर्फ कहा धस जाये कह नहीं सकते अगर कोई जवान खाई में गिर जाये तो बाकी के जवान उसे बचा सके l ऑक्सीजन की क़मी होने की वजह से उन्हें धीमे-धीमे चलना पड़ता है और रास्ता कई हिस्सों में बँटा होता है. साथ ही ये भी तय होता है कि एक निश्चित स्थान पर उन्हें किस समय तक पहुँच जाना है और फिर वहाँ कुछ समय रुककर आगे बढ़ जाना है l

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इसी तरह सियाचिन में तैनात जवानों को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट में बुधवार को सियाचीन में तैनात सैनिकों के लिए हार्डशिप भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा की है. केंद्र ने इसे बढ़ाकर सातवें वेतन आयोग की सिफारिश से भी ज्यादा कर दिया है l मोदी सरकार का सियाचिन के जवानों के लिए बेहतर कदम है l केंद्र सरकार के इस फैसले की खूब सराहना हो रही है l वित्त और रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा कि अधिकारियों के लिए हार्डशिप अलाउंस को बढ़ाकर 42,500 रुपया प्रति महीना कर दिया गया है l

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सातवें वेतन आयोग ने सिफारिश की थी कि सियाचीन में तैनात जवानों को हार्डशिप अलाउंस 21 हजार से बढ़ाकर 31,500 रुपये किया जाना चाहिए. हालांकि सुरक्षा बल आयोग की इस सिफारिश से खुश नहीं थे. बता दें कि सिविलियन ब्यूरोक्रेट को उसकी सैलरी का 30 प्रतिशत हार्डशिप अलाउंस के तौर पर मिलता है l

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हाल ही में सियाचीन में तैनात जेसीओ और दूसरी रैंक के लिए हार्डशिप अलाउंस 30,000 रुपया महीना होगा, जबकि सातवें वेतन आयोग में इनके लिए 21 हजार रुपये के हार्डशिप अलाउंस की थी l मौजूदा समय में जेसीओ और दूसरी रैंक वालों को 14 हजार रुपया प्रति महीना हार्डशिप अलाउंस मिलता है, इसी के साथ रक्षा मंत्री ने यह भी कहा है कि शांति वाले इलाकों में तैनात जवानों को राशन मनी अब कैश में नहीं मिलेगी !

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