डोकलाम मामले में फंसने के बाद भी चीन ने UN में की घटिया हरकत, भारत के दुश्मन के पक्ष में…

भारत के विकास को देखर चीन घबराया हुआ है ये बात तो अब सारी दुनिया जानती है. चीन प्रत्यक्ष रूप से तो भारत को कोई नुकसान पहुंचा नहीं पा रहा इसलिए अब वो अप्रत्यक्ष रूप से भारत को परेशान करने की कोशिश कर रहा है. जिस तरह से भारत को देखर चीन की जलन अब जगजाहिर हो चुकी है वैसे ही पाकिस्तान के बारे में भी दुनिया जानती है कि वो भारत को लेकर कभी सकारात्मक नहीं होता. भारत ने कई बार पाकिस्तान की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया लेकिन पाकिस्तान ने हमेशा भारत को धोखा ही दिया.

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आतंकियों को खतरा नहीं मानता चीन 

अब चीन भी पाकिस्तान के साथ मिल गया है और दोनों एक दूसरे के साथ मिलकर भारत के खिलाफ साजिश कर रहे हैं. चीन ने एक बार फिर दिखा दिया है कि वो भारत से उलझने के लिए गलत कदम उठाने में भी नहीं हिचकिचाएगा. जो आतंकी भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए खतरा बने हुए हैं चीन उनको आतंकी मानने से ही इंकार कर रहा.

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पाकिस्तान के कुख्यात आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के एक प्रस्ताव पर चीन ने रोक लगा दी है. मसूद को आतंकी घोषित करने का ये प्रस्ताव फ्रांस, यूएस और ब्रिटेन ने रखा था. पाकिस्तान के आतंकी मसूद को यूएन में वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने के सवाल पर चीन ने कहा कि वो वक्त आने पर इस प्रस्ताव पर फैसला करेगा.

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पहली बार नहीं है जब चीन ने मसूद अजहर का पक्ष लिया 

आपको बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है कि जब चीन ने पाकिस्तान के आतंकी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने के प्रस्ताव में टांग अड़ाई हो. इससे पहले साल 2016 में भी चीन ने इस प्रस्ताव पर विरोध दर्ज किया था. इस बार चीन ने किसी तकनीकी कारण का हवाला देकर प्रस्ताव पर तीन महीने की रोक लगाई है. इससे पहले चीन ने 6 महीने तक अजहर पर किसी भी तरीके के फैसले को टाल दिया था.

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भारत ने इस बार वैश्विक आतंकवादियों की लिस्ट में मसूद अजहर का नाम डालने के लिए अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के सहयोग से इसी साल 19 जनवरी को यूएन में प्रस्ताव पेश किया था. इसके बाद चीन ने 2 फरवरी को इस फैसले पर 6 महीने की रोक लगा दी थी. अब इस पर फिर से फैसला होना था लेकिन इस बार चीन ने तकनीकी कारणों का हवाला देकर एक बार फिर प्रस्ताव पर रोक लगा दी है.

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बात साफ़ है कि भारत के दुश्मनों को चीन अपना दोस्त समझता है और इसीलिए वो भारत द्वारा लिए गए फैसलों में अपनी टांग अड़ा देता है. चीन ये भी नहीं सोचता कि इन आतंकियों की वजह से कितने ही बेगुनाह लोगों की जान जाती है और कई लोग बेघर हो जाते हैं. ये आतंकी कई लोगों की मानसिकता को इस तरह से बदल देते हैं कि वो भी आतंक की राह पकड़ लेते हैं.चीन को सोचना चाहिए कि वो भारत के खिलाफ ऐसे कायराना कदम उठाके पूरी दुनिया के लिए ख़तरा पैदा कर रहा है और एक दिन इन आतंकियों की वजह से वो भी खतरे में पड़ सकता है.

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