भारत पर इल्जाम लगाने वाले चीनी मीडिया ने इस बार पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे को लेकर बोली ऐसी बात कि..

आज के समय में अवसरवादिता का चलन ज़ोर पकड़ता जा रहा है और चीन उन अवसरवादी राष्ट्रौं की सूची में सबसे ऊपर आता है जो हर मौके को भुनाना चाहते हैं. चीन अपने फायदे के लिए किसी भी हद्द तक जा सकता है आलम ये है कि वो अपने फायदे के लिए पाकिस्तान जैसे आतंकी राष्ट्र का भी समर्थन करता है जिस पाकिस्तान के सर पर आतंकवाद का ठप्पा लग चुका है. चीन फायदा उठाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कायदे कानूनों को भी अंगूठा दिखा देता है और अक्सर कई देशों से उसके मतभेद बने रहते हैं. भारत भी उन्हीं देशों में से एक है जिससे चीन को हमेशा कोई न कोई परेशानी होती है लेकिन इस बार खबर थोड़ा चौंकाने वाली है.

भारत के प्रधानमंत्री 24 जून से 27 जून तक तीन देशों की यात्रा पर गए थे और इन तीन देशों में से एक अमेरिका भी है. पीएम मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प से मुलाक़ात कि थी और अगर वहीँ हाल के दिनों की बात करें तो भारत-अमेरिका के बीच आए मतभेदों को दूर करने की कोशिश करी गई है. वैसे तो पीएम मोदी के इस दौरे से भारत और अमेरिका को फायदा होगा लेकिन इस बात कि ख़ुशी चीन को हो रही है जिस बात का उद्दाहरण यह है कि वहां कि मीडिया पीएम मोदी के इस दौरे से खुश होकर अपने यहाँ खबर दिखा रहे हैं और कह रहे हैं कि वे लोग इस यात्रा से काफ़ी खुश हैं.

चीन की सरकारी मीडिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे को भारत के लिए लाभदायक बताया है। वहां कि मीडिया ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात में प्रमुख आदान-प्रदान हुए। चीन की न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने अपने यहाँ के समाचार विश्लेषण में कहा है कि भारत को सच्चा मित्र बताने वाले ट्रंप ने बराक ओबामा के शासन के दौरान दोनों देश के बीच बने गहरे संबंधों को और मजबूत किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस अमेरिका यात्रा से उन्हें बहुत उम्मीद नहीं थी लेकिन इसके बावजूद मोदी भारत के हित से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अमेरिका का समर्थन जीतने में सफल रहे। इनमें सबसे प्रमुख है अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने का समझौता।

वहीँ आपको बता दें कि इस यात्रा के दौरान अमेरिका में ट्रंप ने पाकिस्तान को मुंबई, पठानकोट और सीमा पार से भारत में अन्य आतंकी हमलों के आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई का कड़ा संदेश दिया है। इसके अलावा अमेरिका ने भारत को गार्जियन ड्रोन बिक्री की भी मंजूरी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप से मुलाकात में व्यावहारिकता दिखाते हुए ‘मेक इन इंडिया’ की जगह ‘अमेरिका फ‌र्स्ट’ को रखा है।

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