जब FIR न लिखे जाने से खफ़ा बुजुर्ग ने लगा दिया CM योगी को फोन, उसके बाद हुआ कुछ ऐसा कि…

यह किसी थानेदार के लिये पहला वाकया होगा जब एक साधारण से वृद्ध ने थानेदार की सिट्टी-पिट्टी गुम कर दी हो। दरअसल हुआ कुछ यूं कि इलाहाबाद के मांडा थाने में एक वृद्ध अपनी शिकायत लेकर थानेदार के पास पहुंचा। हमेशा की तरह पुलिस ने बुजुर्ग की फरियाद पर भी टाल मटोल करना शुरू कर दिया|

source

लेकिन अपनी सुनवाई न होते देख बुजुर्ग ने अपना मोबाइल निकाला और एक नंबर डायल कर थानेदार की ओर बढ़ाकर बोला, “लीजिए सीएम साहब से बात करिये|” शिकायत लिखवाने पहुंचे उस बुजुर्ग का इतना बोलना ही था कि थानेदार के पैरो तले जैसे जमीन खिसक गई। थानेदार समझ ही नहीं पाया की आखिर अब वो करे तो क्या करे?

वहां मौजूद लोग भी बुजुर्ग के आत्मविश्वास को देखकर चौक कर एक टक उसे देखने लगे। सकपकाते हुए थानेदार ने मोबाइल थाम लिया। मोबाइल की स्क्रीन पर नंबर देखा और कान पर लगा लिया। फिर तो अगले कुछ मिनट तक थानेदार साहब बस “जी सर” का शब्द ही दोहराते रहे।

source

थाने पर मौजूद हर शख्स यही सोचता रहा कि क्या सीएम का फोन है? बात करने के बाद दरोगा ने खुद बताया कि फोन पर सीएम योगी आदित्यनाथ के पीआरओ थे। उन्होंने वृद्ध के मामले में तुरंत कार्रवाई और वृद्ध की समस्या का निदान करने को कहा है।

इलाहाबाद के मांडा हेठार गांव के रहने वाले बुजुर्ग की जमीन पर बनी बाउंड्री कुछ लोगों ने तोड़ दी। जिसकी शिकायत करने बुजुर्ग मांडा थाने पहुंचा। यहां थाने में इंस्पेक्टर मांडा पीके मिश्रा फरयादियों से मिल रहे थे। बुजुर्ग ने उनसे अपनी समस्या बताई तो इंस्पेक्टर साहब ने इसे राजस्व का मामला बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया और अपनी जमीन की नाप कराने को कहकर विदा कर दिया।

बस फिर क्या था बुजुर्ग थोड़ा सा दूर गए मोबाइल से नंबर मिलाया और फोन पर ही अपनी सारी समस्या बताने लगे। लगभग दो मिनट बाद बुजुर्ग फोन लेकर इंस्पेक्टर के पास वापस वापिस पहुंचे और बोले, “लीजिए सीएम साहब से बात करिये” वृद्ध के शब्द ऐसे थे जैसे बिना बादल के अचानक बारिश होने लगी।

थाने पर मौजूद हर शख्स बुजुर्ग का चेहरा ताकने लगा। जब इंस्पेक्टर साहब ने खुद को संभाला और फोन थामा तो वह हर पांच-दस सेकण्ड पर बस जी सर बोलते रहे।इस वाक्ये के बाद यह खबर थाने से बाहर निकली तो चर्चा का विषय बन गयी। अचानक से बुजुर्ग का सीएम का फोन लगाना और फोन पर इंस्पेक्टर का हाल सुर्खियों में छा गया। हालांकि इंस्पेक्टर पीके मिश्रा ने बताया कि फोन पर सीएम साहब नहीं थे। उनके पीआरओ बात कर रहे थे।

source

इस वाकये से एक बात तो साफ़ हो जाती है कि सीएम योगी के सत्ता में आने के आने के बाद से ही किये गए वादे और दावे अब रंग लाने लगे हैं| अब इस मामले में ही देख लीजिये कैसे महज़ सीएम को किये गए एक कॉल ने कैसे इस वृद्ध इंसान की मदद की| वाकई लगता है अब उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनने से कोई नहीं रोक सकता|

एंटी रोमियो दल उत्तर प्रदेश सरकार का एक ऐसा कदम जिसके बाद से यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की खूब वाहवाही हो रही हैl दरअसल पिछली सरकार में जिस तरीके से मनचलों और अराजकतत्वों के हौसले बुलंद हुए थे उसको देखते हुए यूपी की जनता का कानून से विश्वास ही उठ गया थाl लोगों को लगने लगा था कि आखिर उनकी फ़रियाद सुनेगा कौन, ऐसे में सूबे में सरकार बदली और बीजेपी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आई और आदित्यनाथ योगी मुख्यमंत्री चुने गयेl मुख्यमंत्री बनते ही प्रदेश के विकास और कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए कई अहम् फैसले भी लिए, जिनमें से एक एंटी रोमियो दल का गठन भी शामिल हैl

Source

प्रदेश में लोगों को मनचलों से काफी दिक्कतें आ रही थी और लड़कियों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था, लेकिन अब एंटी रोमियो दल के गठन के बाद उनमें फिर से एक आस जगी है और अब उनका विश्वास भी वापस आ रहा हैl एंटी रोमियो को लेकर एक ऐसी ही घटना उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की है जिसमें एक पीड़ित भाई ने यूपी 100 को कॉल करके बताया कि उसकी बहन को कुछ मनचले छेड़ते हैं, बस फिर क्या था…

दरअसल मामला उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के मुंगराबादशाहपुर थाने का हैl इस थाने के अंतर्गत एक निवासी धर्मेन्द्र ने पुलिस को शिकायत करके कहा कि उसकी बहन जब भी घर के बाहर जाती है तो कुछ मनचले उसे छेड़ते हैं और इस घटना से उनका परिवार बहुत परेशान हैl आपको बता दें कि धर्मेन्द्र ने इस घटना की शिकायत यूपी 100 पर कॉल करके दिया थाl बस फिर क्या था, इसके बाद पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुँच गईl

Source

आपको बता दें कि यूपी 100 में शिकायत होने के बाद तत्काल PRV-2320 मौके पर पहुंची और दो मनचलों को पकड़कर जरुरी कार्रवाई के लिए संबंधित थाने (मुंगराबादशाहपुर) में सौंप दियाl जाहिर है इस तरीके की त्वरित कार्यवाही के बाद से लोगों का कानून में भरोसा जगेगा और उनमें विश्वास भी जगेगा कि उनकी सुनने वाला कोई तो हैl योगी सरकार के आने से यूपी की दशा सुधर रही है और विकास की उम्मीद भी जगी हैl

सीएम की कुर्सी संभालते ही आदित्यनाथ योगी पूरे एक्शन में हैं और इसका असर भी दिख रहा है. कानपुर में पड़ोसी की गुंडागर्दी का शिकार हुए एक परिवार का कहना है कि मुख्यमंत्री को ट्वीट करने के बाद पुलिस हरकत में आई !

दरअसल, कल्याणपुर में हार्डवेयर कारोबारी के घर में घुसकर पत्नी, उनकी दो बेटियों से छेड़छाड़, मारपीट की घटना को हल्के में निपटाने में जुटी पुलिस पीड़ित पक्ष के द्वारा किये गये सीएम को ट्वीट के बाद हरकत में आई । ट्वीट के कुछ देर बाद ही सीएम योगी आदित्यनाथ के दफ्तर से आदेश आने के बाद कार्यवाहक SSP कई पुलिस अफसरों केे साथ खुद पीड़ित के घर पहुंचे और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज करने के निर्देश दिए। यही नहीं आनन-फानन में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी शुरू हो गई।

source

अंबेडकरपुरम आवास विकास निवासी हार्डवेयर कारोबारी के मुताबिक रक्षा प्रतिष्ठान कर्मी पड़ोसी सुजीत गौतम दबंग किस्म का है। इनके बीच दो साल से किसी न किसी बात पर विवाद हो रहा था। हर बार पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती थी। इस साल 13 मार्च को होली के दिन सुजीत बेटे रोहन व चार साथियों के साथ शराब के नशे में उनके घर में घुस आया और सभी बेटियों से छेड़छाड़ करने लगा ।

इसका विरोध करने पर बेटियों और पत्नी को पीटा। पिटाई से तीनों के चेहरे और पेट में चोटें आईं। चोटें इतनी गंभीर थी कि तीनों का पांच दिन तक इलाज चला। कारोबारी ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और धमकी की एनसीआर (प्राथमिकी) दर्ज की। विवेचक ने भी टालू रवैया अपनाया। इधर दबंग उन्हें लगातार जान की धमकी दे रहे थे।

इतना सब झेलने के बाद पीड़ित परिवार की एक बेटी ने सीएम योगी आदित्यनाथ को ट्वीट कर न्याय की गुहार लगाई। महज एक घंटे बाद दोपहर करीब तीन बजे कार्यवाहक एसएसपी सचिंद्र पटेल, सीओ कर्नलगंज विशाल पांडेय, सीओ कल्याणपुर संजीव दीक्षित, इंस्पेक्टर देवेंद्र विक्रम सिंह फोर्स के साथ पीड़ित के घर पहुंचे। परिवार से पूरी घटना की जानकारी लेकर थाने और चौकी प्रभारी से पूछताछ की। पीड़ित परिवार को न्याय और सुरक्षा का भरोसा दिया।

source

16 अक्टूबर को भी दी थी तहरीर
हार्डवेयर कारोबारी ने बताया कि उनकी पत्नी ने 16 अक्टूबर को कल्याणपुर थाने में दबंगों की शिकायत की थी। थानेदार ने शिकायती पत्र चौकी प्रभारी को जांच के लिए सौंप दिया था। इसके बाद क्या हुआ उन्हें नहीं मालूम। अगर पुलिस उस वक्त आरोपियों पर कार्रवाई करती तो यह घटना नहीं होतीl

Facebook Comments