CAG ने कहा था कि सेना के पास गोला बारुद की कमी है, रक्षा मंत्रालय ने उठाया ये बड़ा कदम

सेना के ऊपर हो रहे आतंकवादी हमले से चिंतित रक्षा मंत्रालय ने सैनिकों और कैम्प को सुरक्षित करने के के लिए बड़ा फैसला लिया| आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल सीमा पार से आए आतंकवादियों ने वायु सैनिक अड्डे पर हमला कर दिया था जिसमें 7 जवान शहीद हो गये थे.इसी के बाद लगातार सेना को आतंवादियों द्वारा निशाना बनाये जाने से मंत्रालय के सामने इसे सुरक्षित करने के लिए एक बड़ी चुनौती थी| फलस्वरूप रक्षा मंत्रलाय ने इसी सिलसिले में एक बड़ा फैसला लिया है| जिसके बाद सेना के कैप्म पर हमला करना मुश्किल ही नही असंभव है.

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सेना को रक्षा मंत्रालय ने दिया विशेष छूट

रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने इसी सिलसिले में एक बड़ा फैसला लिया है जिससे कि सेना के कैम्प और सैनिको को सुरक्षित किया जा सकता है.सरकार ने वायु सैनिक अड्डे पर हुए आतंकवादी हमले जैसी घटनाओं को रोकने के लिए और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए तीनो सेनाओं को अपने ठिकानों की चारदिवारी और आसपास सुरक्षा पर बिना औपचारिक मंजूरी के पर्याप्त पैसा खर्च करने का वित्तीय अधिकार दिया है. थल,जल और वायु सेना अब अपने कैप्म को सुरक्षित करने के लिए बिना औपचारिक मंजूरी के भी पैसा खर्च करने का अधिकार है.

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सेना की सुरक्षा पर मंत्रालय सख्त 

रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह निर्णय सैन्य ठिकानों और रक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक उपकरण और प्रणालियों की खरीद की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए यह कदम उठाया गया है| इस कदम को सेना के ठिकानों को सुरक्षित करने और नये उपकरणों की खरीदी करने की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है| इस निर्णय के बाद तीनों सेना के उप प्रमुखों को रक्षा मंत्रालय से बिना मंजूरी लिए सुरक्षा उपकरणों और प्रणालियों की खरीद और निर्माण कार्य करने के अधिकार है. इस कदम के साथ यह भी संकेत मिल रहे है कि मंत्रालय अब सैनिको की सुरक्षा के लिए कुछ विशेष कदम और उठा सकती है.

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रक्षा मंत्री ने तीनो सेनाओं को दिया सख्त आदेश 

रक्षा मंत्री ने सेना के तीनो सेनाओं को सख्त आदेश भी दिया है कि सुरक्षा संबंधी कार्यों को निश्चित समय सीमा के अंदर पूरा करने का सख्त आदेश भी दिया है इसी के साथ  तीनो सेनाओं को अपने सैनिक कैम्प को सुरक्षित करने करने और आधुनिक उपकरणों को खरीदने के लिए के समय सीमा तय की है  जिसके अन्दर तीनो सेनाओं को जल्द से जल्द अपने अपने कैम्प को आधुनिक उपकरणों से सुरक्षित करने का आदेश है. अब ऐसा माना जा रहा है कि अब सेना के जवान कैम्प को सुरक्षित करने के लिए रक्षा मंत्री ने बड़ा कदम उठाया है.

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    पहले के नियम में किया गया बदलाव 

पहले सेना को 5000 करोड़ से अधिक पैसा खर्च करने के लिए मंत्रीमंडल की समिति और रक्षा मंत्रालय की खरीद परिषद से मंजूरी लेनी पड़ती थी जो अब नहीं लेनी पड़ेगी| उल्लेखनीय है कि सीमा पार से आये आतंकवादियों ने पठानकोट वायु सैनिक अड्डे पर बड़ा आतंकवादी हमला बोल दिया था जिसमें सेना के सात जवान शहीद हो गये थे. जिससे देश बेहद आक्रोश में था. पिछले काफी समय से इस बात की चर्चा हो रही थी कि सेना के पाद जरुरत के अनुसार गोला बारूद उपलब्ध नही है| इसके लिए लगातार मांग उठ रही थी.

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दरअसल चीन के साथ चल रहे विवाद को देखते हुए इस फैसले को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि लगातार इस तरह की बातें सामें आ रही थी कि सेना के पास गोला बारूद और सुरक्षा से जुड़े कई संसाधनों की कमी है और चीन लगातार भारत को आंखे दिखा रहा है. सीमा पार से आये आतंकवादियों ने कई बार सेना के कैम्प को निशाना बनाने की कोशिश की है. इन सभी बातों को ध्यान में रखकर यह मन जा रहा है कि अब रक्षा मंत्रालय भारतीय सेना को मज़बूत करना चाहती है और उन्हें उन सभी तरह की सुरक्षा और उपकरण मुहैया कराना चाहती है.

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