इससे पहले की महिला दरोगा उस बुज़ुर्ग इंसान से कुछ पूछ पाती वो बेहोश हो गए,उसके बाद बुज़ुर्ग की जेब से मिली पर्ची में जो लिखा था उसे पढ़कर महिला दरोगा ने उठाया एक साहसिक कदम

एक समय ऐसा भी था जब अधिकारीयों को उनके ऊँचे पद के लिए जाना जाता था. ऊँचे पद पर बैठे अधिकारी जिनकी नौकरियां रौब से शुरू हो कर रौब पर ही ख़त्म हो जाया करती थीं. लेकिन आजकल आये ही दिन कोई ना कोई ऐसी कहानी सुनने को मिल जाती है जो इन ऊँचे पद पर तैनात अधिकारियों के एक ऐसे चरित्र का परिचय करा जाती हैं जिनसे अमूमन तौर पर हम अनजान होते हैं. एक ऐसी ही कहानी है दिल्ली की एक महिला दरोगा प्रियंका  की. प्रियंका ने  हाल ही में एक ऐसा काम कर दिखाया है जिसके बाद उनके इस काम को लेकर  यूपी वुमेंस सेल के आईजी (इंस्पेक्टर जनरल) नवनीत सिकेरा ने सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ की है.

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क्या किया है प्रियंका ने?

दिल्ली पुलिस का यूँ तो नाम से ज्यादा बदनाम है लेकिन दिल्ली की महिला दरोगा ने दिल्ली पुलिस की इसी छवि के बारे में एक बार फिर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. दरअसल हुआ यूँ कि उस दिन भी  रोज़ की ही तरह प्रियंका दिल्ली मुख्यमंत्री निवास के बाहर तैनात थी. इसी दौरान प्रियंका को वहां एक बुज़ुर्ग इंसान घुमते नज़र आये. प्रियंका उन्हें काफी देर से फ़ॉलो कर रही थीं लेकिन ऐसा कुछ प्रियंका को मिला नहीं जिससे संदेह की स्थिति बने.

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…बुज़ुर्ग के जेब से मिली पर्ची 

प्रियंका ने वहां टहल रहे बुज़ुर्ग व्यक्ति को काफी देर देखने के बाद उनके पास जाकर उनकी जानकारी लेने की सोची. आखिर मुख्यमंत्री निवास के बाहर इस तरह से घूमना संदिग्ध माना जा सकता था. प्रियंका यही सोच कर बुज़ुर्ग व्यक्ति के पास पहुँच गयीं उनकी जानकारी लेने कि आखिर वो हैं कौन और वहां क्या कर रहे हैं? लेकिन इसके पहले की वो कुछ बता पाते बुज़ुर्ग इंसान वहीँ बेहोश हो गए. मामला संगीन होता देख महिला दरोगा प्रियंका ने बुज़ुर्ग की तलाशी लेनी चाही तो इनकी जेब से डॉक्टर की पर्ची, रेल टिकट और कुछ पैसे मिले.

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पर्ची में कुछ ऐसा लिखा था जिसे पढ़कर प्रियंका ने उठाया एक साहसिक कदम 

उस 90 वर्षीय बुज़ुर्ग को उस हालत में बेहोश देखकर प्रियंका को भी समझ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाये क्या नही. प्रियंका ने बुज़ुर्ग की जेब से मिली पर्ची पर गौर किया तो उसमे एक डॉक्टर का नाम और पता लिखा था. आसपास उस बुज़ुर्ग इंसान से जुड़ा कोई और सुराग तो था नहीं ऐसे में प्रियंका ने पर्ची में लिखे डॉक्टर से बात करने की सोची.

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 महिला दरोगा ने 90 साल के वृद्ध व्यक्ति को उनके नेत्रहीन बेटे से मिलाया।

डॉक्टर से बात करने पर पता उज़ बुज़ुर्ग,नेत्रहीन  इंसान के बारे कई बातें पता चलीं. बुज़ुर्ग शायद डॉक्टर के नियमित पेशंट हो क्योंकि डॉक्टर से बात करने पर उन्होंने दरोगा प्रियंका को बुज़ुर्ग का नाम, पता सबकुछ बताया. डॉक्टर के अनुसार बुज़ुर्ग का गाँव यूपी के कालपी के पास है.

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बेटे से मिलने दिल्ली आये थे

बुज़ुर्ग इंसान के गाँव का पता चलते ही प्रियंका ने वहां के संबंधित थाने के पुलिस अधिकारी से बात कर के बाकी की जानकारी हासिल कीं तो पता चला कि बुज़ुर्ग इंसान अपनी आँखों का इलाज़ करने दिल्ली आये थे. वो यहाँ अपने बेटे से मिलना चाहते थे. घर परिवार के बारे में जानकरी  मिली तो पता चला कि बुज़ुर्ग इंसान का बेटा दिल्ली के ही किसी स्कूल में टीचर हैं.

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बेटे से बिछड़ कर कई घंटों तक यूँ ही घूमते रहे थे बुज़ुर्ग इंसान 

मिली जानकारी के अनुसार बुज़ुर्ग इन्सान को स्टेशन से लेने उनका बेटा पहुंचा तो ज़रूर लेकिन भीड़ में वो दोनों बिछड़ गए. बेटे से अलग होने के काफी देर बाद तक बुज़ुर्ग इंसान पुरानी दिल्ली के कई इलाकों में भटकते रहे.इसी दौरान महिला दरोगा की उन पर नजर पड़ी और उन्होंने बुजुर्ग को उनके परिवार से मिलवाने में मदद की.

आईजी नवनीत सिकेरा ने भी महिला दरोगा के इस कदम की की है सराहना 

इस मामले की जानकारी मिलते ही आईजी नवनीत सिकेरा ने भी प्रियंका की सूझबूझ और समझदारी भरे इस कदम की काफी सराहना की. उन्होंने इससे सम्बंधित एक फोटो और लेख भी अपनी facebook वाल पर साझा किया . वाकई काम ही ऐसा था कि लोग वाहवाही करें. IG नवनीत सिकेरा के इस पोस्ट को अबतक 21 हज़ार लोगों ने देखा है और लगभग 900 से भी ज्यादा लोगों ने इसे शेयर किया है.

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