जानिये आईएनएस कोच्ची की विशेषताएं जिनके कारण पाकिस्तान चीन भी कांप रहे है

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भारतीय नौसेना के बेड़े में अब आईएनएस कोच्ची के आने से एक और बड़ी ताकत जुड़ गई है। भारत में ही बने युद्धपोत आईएनएस कोच्चि को नौसेना के बेड़े में शामिल कर लिया गया है। 4,000 करोड़ रुपये की लागत से बना स्वदेश निर्मित यह सबसे बड़ा युद्धपोत आईएनएस कोच्चि बुधवार को रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर के द्वारा भारतीय नौसेना में शामिल कर लिए जायेगा।

Source : Rediff
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आईएनएस कोच्ची युद्धपोत का निर्माण मुंबई में मझगांव डॉक्स लिमिटेड ने किया है। यह कोलकाता श्रेणी (परियोजना 15ए) का दूसरा युद्धपोत है। कोलकाता श्रेणी (परियोजना 15ए) का पहला युद्धपोत आईएनएस कोलकाता को अगस्त 2014 में नौसेना में शामिल किया गया था, जबकि तीसरे और अंतिम आईएनएस चेन्नई युद्धपोत को साल 2016 के आखिर में नौसेना में शामिल किया जाना है। आईएनएस कोच्चि को नौसेना में शामिल करने की घोषणा करते हुए रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर ने 164 मीटर लम्बे, 7,500 टन वजनी इस युद्धपोत को ‘विदेशी जहाजों जितना बेहतर’ बताया।

 

 

आईएनएस कोच्ची की तकनीक

164 मीटर लंबा और 18 मीटर चौड़ा आईएनएस कोच्चि एक पांच मंजिला इमारत के बराबर है। इसका वजन 7400 टन का है। कोलकाता सीरीज का युद्धपोत आईएनएस कोच्चि में पहली बार थ्री डी रडार का इस्तेमाल किया गया है साथ ही इसमें सबमरीन डिटेक्टर और चार टॉरपीडो भी मौजूद हैं।। INS कोच्चि ब्रह्मोस मिसाइल, 76 एमएम गन, दो रॉकेट लॉन्चर, एंटी-सर्फेस गन, एंटी सबमरीन रॉकेट लॉन्चर से लैस है जो किसी भी परिस्थिति में दुश्मन से लोहा लेने में सक्षम हैं।

Source :Indian Express
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आईएनएस कोच्ची क्यों है ख़ास

युद्धपोत आईएनएस कोच्चि में नौसेना के सैनिको और अधिकारीयों के रहने के लिए भी खास प्रबंध किए गए हैं। इस युद्धपोत में लगभग 400 नौसेना के सैनिको और अधिकारियों के रहने और उनके खान-पान की व्यवस्था की गई है।

Source : The Hindu
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अपनी विशिष्ट बनावट के कारण यह दुश्मनों के रडार को चकमा देने में पूरी तरह सक्षम है। 164 मीटर लंबा और 18 मीटर चौड़ा यह युद्धपोत अपनी खास तकनीक के कारण दुशमन के रडारों पर किसी छोटी नौका जैसा दिखाई देगा। जिससे यह दुश्मन के काफी नजदीक पहुंचकर उसपर हमला कर सकता है।

 

आईएनएस कोच्ची के निर्माण की कहानी

Source : snipview
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मझगांव डॉक लिमिटेड ने आईएनएस कोच्चि के निर्माण का काम 2004 में शुरू कर दिया था। इसे 2012 में नौसेना के बेड़े में शामिल करने की योजना थी लेकिन इसके निर्माण में देरी होने की वजह से इसे शामिल नहीं किया जा सका। इस युद्धपोत में अत्याधुनिक हथियार प्रणालियां भी लगाई गई हैं। जिनमें पनडुब्बी रोधी तकनीक भी शामिल है। ब्रह्मोस मिसाइल से लैस यह युद्धपोत अपनी नौसेना के युद्धपोतों से 300 किलोमीटर तक निशाना साध सकते हैं। इसके अलावा इसमें लगी कम दूरी तक मार कर सकनेवाली मिसाइलें और अतिसंवेदनशील रडार भी इस पोत में चार चांद लगा देते हैं।

 

आईएनएस कोच्ची की शक्ति

Source : defencyclopedia
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आईएनएस कोच्ची में संयुक्त गैस और गैस प्रमोदन प्रणाली लगी हुई है। इस युद्धपोत में चार शक्तिशाली रिवर्सिबल गैस टर्बाइन भी हैं जो 30 नॉट से भी ज्यादा गति प्राप्त कर सकते हैं साथ ही इन सभी टरबाइन से यह युद्धपोत 5 मेगावाट तक बिजली भी पैदा करते हैं। आईएनएस कोच्ची में MCR यानि मशीनरी कंट्रोल रूम बनाया गया है जिससे बिजली और इंजन पॉवर मिलता है। किसी भी नौसैनिक युद्धपोत में मशीनरी कंट्रोल रूम की बहुत अधिक महत्व रखता है।

 

विडियो में देखिये आईएनएस कोची के बारे में पूरी जानकारी..

 

 

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